आकिब नबी डार कौन हैं? रणजी ट्रॉफी 2025-26 में ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ बनकर चमके, IPL में भी कमा चुके करोड़ों

जम्मू-कश्मीर
रणजी ट्रॉफी 2025-26 के फाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर (J&K) ने आठ बार की चैंपियन कर्नाटक को पहली पारी की विशाल बढ़त के आधार पर हराकर अपना पहला खिताब जीत लिया है। हुबली के केएससीए मैदान पर खेले गए इस खिताबी मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 584 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। जवाब में कर्नाटक की टीम पहली पारी में मात्र 293 रनों पर ढेर हो गई, जिससे जेएंडके को 291 रनों की निर्णायक बढ़त मिली। मैच के अंतिम दिन जेएंडके ने अपनी दूसरी पारी 342/4 पर घोषित की, जिसके बाद दोनों कप्तानों ने हाथ मिलाया और मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ। पहली पारी की इसी बढ़त ने जम्मू-कश्मीर को 67 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद चैंपियन बना दिया।

इस पूरी ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक मध्यम-तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर आकिब नबी डार रहे। आकिब ने इस सीजन में अपनी धारदार गेंदबाजी से विपक्षी बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने रणजी ट्रॉफी 2025-26 के सीजन में सर्वाधिक 60 विकेट लिए और उन्हें इस शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' के खिताब से नवाजा गया। फाइनल मुकाबले में भी उनका जलवा बरकरार रहा, जहां उन्होंने कर्नाटक की पहली पारी में मात्र 54 रन देकर 5 विकेट चटकाए, जिससे कर्नाटक की मजबूत बल्लेबाजी बिखर गई। उनके कप्तान पारस डोगरा ने भी माना कि आकिब का प्रदर्शन असाधारण रहा है और उन्होंने टीम की सफलता में रीढ़ की हड्डी की भूमिका निभाई है।

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मैदान पर शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ आकिब नबी डार IPL 2026 की नीलामी में भी चर्चा का केंद्र बने रहे। अबू धाबी में दिसंबर 2025 में आयोजित हुई इस नीलामी में मात्र 30 लाख रुपये के बेस प्राइस वाले इस खिलाड़ी के लिए दिल्ली कैपिटल्स, सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच जबरदस्त होड़ देखने को मिली। अंततः दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 8.40 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि में खरीदा, जो उनके बेस प्राइस से लगभग 28 गुना अधिक थी। आईपीएल में आने से पहले आकिब कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद की टीमों के लिए नेट गेंदबाज के रूप में भी काम कर चुके हैं।

आकिब के व्यक्तिगत और पारिवारिक बैकग्राउंड की बात करें तो उनका जन्म 4 नवंबर, 1996 को हुआ और वे उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के शीरी गांव के रहने वाले हैं। अपनी इस सफलता पर आकिब ने अपने परिवार के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके समर्थन के बिना यह यात्रा संभव नहीं थी। सुविधाओं की कमी और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन को नहीं छोड़ा। उनका मानना है कि संघर्ष ही आपको अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। आकिब के नाम दलीप ट्रॉफी में लगातार 4 गेंदों पर 4 विकेट लेने का भी एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है।

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जम्मू-कश्मीर की इस जीत ने पूरे प्रदेश में जश्न का माहौल पैदा कर दिया है। श्रीनगर, जम्मू, बारामूला, पुंछ और कारगिल की सड़कों पर लोग ढोल की थाप पर नाचते नजर आए। टीम की इस सफलता पर जेएंडके के मुख्यमंत्री भी मैदान पर खिलाड़ियों के साथ जश्न मनाते दिखे। आकिब नबी डार की यह कहानी अब जम्मू-कश्मीर के हजारों युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गई है, जो साबित करती है कि संसाधनों के अभाव में भी यदि इरादे फौलादी हों, तो इतिहास रचा जा सकता है।