ग्वालियर में 2.52 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश, दिल्ली से 4 आरोपी गिरफ्तार

ग्वालियर

भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त चिकित्सक 89 वर्षीय नारायण महादेव टिकेकर को 24 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने के नाम पर 2.52 करोड़ रुपये ठगने के मामले में ग्वालियर पुलिस ने दिल्ली से चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। साइबर ठगों ने इनके बैंक खातों में ठगी के 30 लाख रुपये ट्रांसफर कराए थे।

आरोपितों ने एटीएम कार्ड के जरिए राशि निकालकर बिचौलिये को सौंपी और इसके बदले 1.70 लाख रुपये कमीशन लिया। एक आरोपित का भाई दिल्ली पुलिस में दारोगा है। वह ग्वालियर पहुंचा, जहां उसे पता चला कि उसका भाई ही साइबर ठगी गिरोह को बैंक खाते किराये पर उपलब्ध कराता था।

पुलिस की जांच में क्या पता चला

पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, असम और बंगाल सहित अन्य राज्यों के करीब 500 बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। क्राइम ब्रांच ने मोहित मिश्रा (बी-40, चाणक्य पैलेस-1, स्ट्रीट नंबर 48, जनकपुरी, नई दिल्ली), राहुल प्रजापति (राजद-150, धरमपुर प्रथम, नजफगढ़, नई दिल्ली), हरीश यादव (हाउस नंबर 49, ब्लॉक धरमपुरा एक्सटेंशन, नजफगढ़, नई दिल्ली) और साहिल फिरोज खान (ए-5/175, एक्सटेंशन पार्ट वन, मोहन गार्डन, उत्तम नगर, नई दिल्ली) को दिल्ली से गिरफ्तार किया।

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ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के अनुसार, इस मामले में क्रिप्टो ट्रेडिंग भी की गई। यूएसडीटी के जरिए ठग रकम को क्रिप्टो में बदलकर विदेश भेज देते थे। आरोपित टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े थे, जहां से म्यूल खाते उपलब्ध कराने का नेटवर्क संचालित होता था।