मिडल-ईस्ट तनाव से ट्रैवल सेक्टर को रोज़ ₹5500 करोड़ का नुकसान, घरेलू ट्रैवल में बढ़ोतरी की उम्मीद

नई दिल्ली

मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक टूरिज्म इंडस्ट्री पर भी साफ दिखाई देने लगा है। ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमलों और क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के कारण दुनियाभर में ट्रैवल सेक्टर को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल (WTTC) के अनुमान के मुताबिक इस संघर्ष की वजह से दुनिया भर के टूर और ट्रैवल सेक्टर को हर दिन करीब 5,500 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। मिडिल-ईस्ट के कई देशों में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं के चलते पर्यटक अपने ट्रैवल प्लान बदल रहे हैं, जिससे पर्यटन उद्योग प्रभावित हो रहा है।

अगर भारतीय पर्यटकों की बात करें तो हर साल भारत से विदेश यात्रा करने वाले लगभग आधे यात्री यूएई, सऊदी अरब, कतर और ओमान जैसे मिडिल-ईस्ट देशों की यात्रा करते हैं। इनमें से करीब 40 प्रतिशत लोग पर्यटन के उद्देश्य से इन देशों में जाते हैं। लेकिन हालात को देखते हुए अब कई भारतीय पर्यटक अपने ट्रैवल प्लान में बदलाव कर रहे हैं।

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टूर ऑपरेटर्स के अनुसार अब भारतीय पर्यटक थाईलैंड, मलेशिया और जापान जैसे देशों के लिए ज्यादा पूछताछ कर रहे हैं। इन देशों को फिलहाल सुरक्षित और बेहतर विकल्प माना जा रहा है, इसलिए यहां पर्यटन की मांग बढ़ रही है।

वहीं दूसरी ओर भारत के अंदर भी घरेलू पर्यटन में तेजी देखने को मिल रही है। एयरलाइंस के किराए बढ़ने के बावजूद कई पर्यटक अब कोच्चि, पुरी और अंडमान जैसे भारतीय पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ट्रैवल एजेंसियों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में इन घरेलू डेस्टिनेशन के लिए पूछताछ में करीब 200 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 

2026 घरेलू पर्यटन के लिए अच्छा साबित हो सकता है
ल्ल दिल्ली स्थित ट्रैवल कंपनी टीमवन हॉलिडेज की प्रवक्ता अनीशा शर्मा के मुताबिक, फिलहाल खाड़ी देशों की यात्रा के लिए लगभग 100% तक कैंसिलेशन देखने को मिल रहे हैं। यदि यह रुझान जारी रहता है तो 2026 भारत के घरेलू पर्यटन के लिए बेहद मजबूत साल साबित हो सकता है। यात्री देश के नजदीकी और विविध पर्यटन स्थलों को खोज रहे हैं।

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अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्लेटफॉर्म पिकयोरट्रेल के सीईओ हरि गणपति के मुताबिक मिडिल-ईस्ट क्षेत्र की बुकिंग में 60% तक की गिरावट आई है।
ल्ल मेकमाईट्रिप के को-फाउंडर राजेश मागो कहते हैं- यदि संघर्ष लंबा चलता है, तो लोग घरेलू गंतव्यों या अप्रभावित अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों की ओर रुख कर सकते हैं।
ल्ल वहीं ईज माईट्रिप के फाउंडर निशांत पिट्टी का कहना है- थाईलैंड, मलेशिया, मालदीव और जापान जैसे देशों के लिए बुकिंग में अच्छी बढ़त देखी जा रही है। घरेलू पर्यटन लगातार मजबूत बना हुआ है।’