बहराइच में नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश, साधारण कलर प्रिंटर से तैयार हो रही थी करंसी

बहराइच
उत्तर प्रदेश के बहराइच में पुलिस ने नकली करंसी छापने और उसे बाजार में खपाने वाले एक गैंग का पर्दाफाश किया है. हैरानी की बात यह है कि आरोपी किसी हाईटेक मशीन का नहीं, बल्कि एक साधारण कलर प्रिंटर का इस्तेमाल कर नकली नोट तैयार कर रहे थे और उन्हें स्थानीय बाजारों में चला भी रहे थे.

एजेंसी के मुताबिक, इस गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. इनके कब्जे से 11,500 रुपये की नकली करंसी बरामद हुई है, जिसमें 500 रुपये के 23 नकली नोट शामिल हैं. साथ ही एक कलर प्रिंटर भी जब्त किया गया है, जिससे ये नोट छापे जा रहे थे.

बहराइच के पुलिस अधीक्षक विजयजीत श्रीवास्तव ने बताया कि खैरिघाट इलाके में शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात सूचना के आधार पर छापेमारी की गई. इसी दौरान चारों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरूचरण सिंह उर्फ विजय, सलीम उर्फ सूरज, हरिराम लोधी और अर्जुन के रूप में हुई है. पूछताछ के दौरान सभी ने स्वीकार किया कि वे कलर प्रिंटर की मदद से नकली नोट तैयार करते थे और फिर उन्हें बाजारों में खपाते थे.

See also  संघ की शताब्दी यात्रा: समाज के सहयोग से तय हुआ 100 वर्षों का प्रेरणादायक सफर

पुलिस का कहना है कि आरोपी नकली नोटों को असली जैसा दिखाने की कोशिश करते थे और छोटे-छोटे लेनदेन में इन्हें इस्तेमाल करते थे, ताकि किसी को शक न हो. खासकर भीड़भाड़ वाले बाजार और दुकानों को निशाना बनाया जाता था, जहां जल्दी में लोग नोटों की बारीकी से जांच नहीं कर पाते.

इस खुलासे के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह गैंग कब से सक्रिय था और अब तक कितनी नकली करंसी बाजार में खपा चुका है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस नेटवर्क में और लोग भी शामिल हैं.

मामले में केस दर्ज कर चारों आरोपियों के खिलाफ एक्शन शुरू हो गया है. पुलिस का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जा रही है और आगे भी ऐसे गैंग्स के खिलाफ अभियान जारी रहेगा. आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर बड़े नोट लेते समय उनकी जांच जरूर करनी चाहिए.

See also  छत्तीसगढ़ समेत 9 राज्यों में भारी बारिश की संभावना