गोंडा
चार साल से गोंडा व अयोध्या के बीच मुसीबत बने ढेमवाघाट पर पीपा पुल बनकर तैयार हो गया है। नदी के बीच में 114 पीपों से दो पुल बनाए गए हैं, जिनमें एक पुल से यात्री गोंडा से अयोध्या जा सकेेंगे जबकि, दूसरे पुल यात्री अयोध्या से गोंडा जिले में प्रवेश कर सकेंगे। इससे गोंडा व अयोध्या जिले की माझा क्षेत्र की करीब 50 हजार आबादी को आवागमन में सहूलियत मिलेगी।
तरबगंज की लाइफाइलन कहे जाने वाले ढेमवाघाट पुल का निर्माण वर्ष 2016 में हुआ था। 120 करोड़ की लागत से सरयू नदी पर बना 1132 मीटर लंबा पुल अयोध्या के सोहावल स्थित लखनऊ हाईवे से नवाबगंज को जोड़ रहा था, जो 2022 में सरयू नदी में उफान से कटान की चपेट में आ गया।
पहले पुल को जोड़ रही डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क (एप्रोच मार्ग) कटी,जिसके बाद पुल पर आवागमन बंद हो गया। वर्ष 2024 में नदी फिर तेवर में आई तो ढेमवाघाट को जोड़ने वाली अन्य प्रमुख सड़कें भी कट गईं। 2023 में इसके पुनर्निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी ने 42 करोड़ रुपये मांगा, जो शासन में स्वीकृत नहीं हुआ।
यही नहीं, बचा 150 मीटर हिस्सा भी बह गया। चार वर्षों से क्षतिग्रस्त सड़क के पुनर्निर्माण में नदी का रुख अड़ंगा बना है। बनने पर भी यह कैसे सुरक्षित रहेगा। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की इस समस्या का उत्तर खोज रही है, लेकिन वह निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है।
एप्रोच मार्ग कट जाने से गोंडा के नवाबगंज अन्य क्षेत्रों के चार पहिया वाहनों को अयोध्या होते हुए फैजाबाद जाना पड़ता था जबकि अयोध्या के सोहावल समेत अन्य लोगों को नवाबगंज व अयोध्या होते हुए आना जाना पड़ता है। कैसरगंज सांसद करन भूषण सिंह ने मुख्यमंत्री से पीपा पुल निर्माण की मांग की थी।
इसके बाद दो करोड़ 16 लाख रुपये से 400 मीटर लंबे पुल बनाने की स्वीकृति शासन ने दी थी, जो अब बन गया है। लोक निर्माण खंड द्वितीय के प्रभारी अधिशासी अभियंता पीके त्रिपाठी ने बताया कि ढेमवाघाट पर पुल निर्माण पूरा हो गया है,जो गोंडा के साथ अयोध्या के लोगों के आवागमन को आसान बनाएगा।