जशपुर का गांव बना ग्रामीण टूरिज्म हब: होमस्टे मॉडल से मिली नई पहचान

जशपुर.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में जशपुर जिले का केरे गांव तेजी से एक उभरते पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना रहा है। यह पहल स्थानीय लोगों की आजीविका को सशक्त बनाने के साथ-साथ क्षेत्रीय संस्कृति को भी नई पहचान दे रही है।

जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से केरे गांव को पर्यटन गांव के रूप में विकसित किया गया है। यहां अब तक 5 होमस्टे स्थापित किए जा चुके हैं। साथ ही, ग्रामीणों को होमस्टे संचालन, अतिथि सत्कार और प्रबंधन से जुड़ा प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे वे बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकें।

हाल ही में केरे स्थित ‘महुआ होमस्टे’ में ठहरे यात्रियों का अनुभव इस पहल की सफलता को दर्शाता है। बिलासपुर से रांची जा रहे तीन यात्रियों ने यात्रा के दौरान आरामदायक ठहराव के लिए इस होमस्टे का चयन किया। ऑनलाइन माध्यम से जानकारी मिलने के बाद वे यहां पहुंचे, जहां उनका आत्मीय स्वागत किया गया। उन्हें घर जैसा स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन मिला, साथ ही साफ-सुथरी और आरामदायक व्यवस्था का अनुभव भी हुआ। अतिथियों ने मेजबानों के व्यवहार और सुविधाओं की खुलकर सराहना की।

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यह सकारात्मक अनुभव दर्शाता है कि केरे गांव अब एक भरोसेमंद और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित हो रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार, इस पहल से न केवल ग्रामीणों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं, बल्कि सामुदायिक भागीदारी भी मजबूत हो रही है। साथ ही, यह मॉडल स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है।