राजनीति में सफलता के लिए वास्तु दोष में पूर्व दिशा को महत्वपूर्ण बताया गया

राजनीति से जुड़े लोगों को अपने घर और कार्यालय की पूर्व और दक्षिण दिशा को वास्तु रहित रखना सबसे ज्यादा जरूरी होता है. अन्यथा गलत लोगों से जुड़ाव और बदनामी जैसी घटनाएं आपके राजनीतिक जीवन में उथल-पुथल मचा सकती हैं. किसी भी तरह से सरकार से जुड़े कार्य करने वाले और सरकारी नौकरी से जुड़े लोगों पर भी यह नियम लागू होता है. पूर्व दिशा ग्रहों के राजा सूर्य देव की दिशा है, जो आपको ख्याति, आत्मबल और स्वाभिमान देती है. सही लोगों से आपके जीवन में जुड़ाव करवाती है. वहीं पराक्रम और बल के ग्रह मंगल की दिशा दक्षिण है. दक्षिण दिशा अच्छी और वास्तु रहित होने से आपको समाज में मान-सम्मान और प्रसिद्धि मिलती है.

पूर्व दिशा को कैसे ठीक रखें?
पूर्व दिशा वायु तत्व की दिशा है. इस दिशा में हरा रंग होना अच्छा होता है. जबकि रसोई, टॉयलेट, पीला और सफेद रंग यहां वास्तु दोष को बढ़ावा देता है. पूर्व दिशा में वास्तु दोष हो तो आपका जुड़ाव अच्छे लोगों या काम के लोगों से नहीं हो पाएगा. आपसे जीवन में ऐसे लोग जुड़ेंगे जो स्वार्थी होंगे. मतलब निकलने पर आपको पूछेंगे भी नहीं. राजनीति से जुड़े लोगों के लिए जनता का जुड़ाव बहुत आवश्यक है. ऐसी जनता जो समय आने पर अपने नेता का सहयोग करे. उनका साथ दे. और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी रहे.

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लेकिन पूर्व दिशा का वास्तु दोष अपने नेता से जनता का निस्वार्थ जुड़ाव नहीं होने देता है. आपकी पार्टी के सीनियर भी आपके सपोर्ट में नहीं रहेंगे. यदि पूर्व दिशा में वास्तु दोष होगा. किसी भी प्रकार से सरकार से जुड़े लोगों के लिए इस दिशा का अच्छा और वास्तु दोष रहित होना बहुत जरूरी है. सरकारी नौकरी वाले भी इस बात का ख्याल रखें. अन्यथा गलत कार्यों से जुड़ने पर सस्पेंशन तक हो सकता है. इस पूर्व दिशा पूर्व दिशा में वास्तु दोष होने से लोगों को जनता से सम्पर्क साधने में दिक्कत आती है.

दक्षिण दिशा का वास्तु दोष देगा बदनामी
दक्षिण दिशा अग्नि तत्व की दिशा है. पूर्व दिशा के साथ दक्षिण दिशा में भी वास्तु दोष हो तो यह ज्यादा कष्टदायी हो सकती है. विशेषकर राजनीति और सरकार से जुड़े कार्य करने वाले लोगों के लिए. ऐसे में व्यक्ति को बदनामी और अनिद्रा की समस्या हो सकती है. दक्षिण दिशा में टॉयलेट, किसी भी प्रकार का गड्ढा, नीला या काला रंग नहीं होना चाहिए.

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इस दिशा में रसोई का होना बहुत अच्छा माना जाता है. दक्षिण दिशा में वास्तु दोष हो तो आपको एक अलग पहचान मिलने में हमेशा दिक्कत महसूस होगी. यदि आप राजनीति या उससे जुड़े कार्यों में अपनी एक अलग पहचान बनाना चाहते हैं तो पूर्व के साथ दक्षिण दिशा को भी वास्तु के अनुसार स्वस्थ और अच्छा बनाए रखिए. जनता के सहयोग के साथ नाम और प्रसिद्धि भी मिलेगी.