शरीर के वजन के हिसाब से कैसे तय करें पानी की मात्रा?, अधिक पानी पीने से किडनी पर पड़ेगा बोझ

देश में गर्मी ने अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया है और कई हिस्सों में तापमान मई शुरू होने से पहले ही 40-42 डिग्री के करीब पहुंच चुका है. ऐसे में गर्मी का दौर शुरू होते ही सबसे पहली सलाह यही मिल रही है कि खूब पानी पियो. लेकिन खूब पानी का मतलब क्या है? वैसे हम सालों से सुनते आ रहे हैं कि दिन में 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए लेकिन मॉडर्न साइंस इस नियम से अलग बताता है. असल में पानी की जरूरत हर इंसान की बॉडी, एक्टिविटी और उसके वजन आदि के हिसाब से अलग-अलग होती है.

यदि आप जरूरत से कम पानी पीते हैं तो थकान और सिरदर्द होगा और अगर बिना सोचे-समझे बहुत ज्यादा पी लेते हैं तो यह किडनी पर बोझ डाल सकता है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि किसे कितना पानी पीना चाहिए? आज हम आपको कितना पानी पीना चाहिए, इस बारे में एक नया फॉर्मूला बताएंगे जो आपके वजन से कैलकुलेट होता है.

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यूनिवर्सिटी ऑफ मिसूरी की रिपोर्ट के मुताबिक, हाइड्रेशन के लिए कोई ‘वन साइज फिट्स ऑल’ नियम नहीं होता और यह पूरी तरह आपके बॉडी मास पर निर्भर करता है. रिसर्च एक बेहद सरल फॉर्मूला बताती हैं जिससे आप घर बैठे जान सकते हैं कि आपके शरीर को कितने लीटर पानी की जरूरत है.

अपना वजन (किलोग्राम में) ÷ 30 = कुल लीटर.
उदाहरण के लिए, यदि आपका वजन 60 किलो है, तो उसे 30 से भाग देने पर 2 आता है. यानी आपको दिन भर में कम से कम 2 लीटर पानी पीना चाहिए. वहीं अगर किसी का वजन 90 किलो है, तो उसे कम से कम 3 लीटर पानी की जरूरत होगी.

गर्मी में बढ़ जाती है पानी की जरूरत
मायो क्लिनिक के मुताबिक, यह फॉर्मूला एक बेसलाइन यानी बुनियादी जरूरत बताता है. लेकिन जब पारा 40 डिग्री के पार हो, तो गणित थोड़ा बदल जाता है. मेयो क्लिनिक की रिसर्च के अनुसार, अगर आप धूप में बाहर निकलते हैं या एक्सरसाइज करते हैं, तो पसीने के जरिए निकलने वाले इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई के लिए आपको हर आधे घंटे की एक्टिविटी पर करीब 350 मिली एक्स्ट्रा पानी पीना चाहिए. साथ ही यदि आप कैफीन (चाय-कॉफी) ज्यादा लेते हैं तो आपको और भी ज्यादा पानी की जरूरत पड़ सकती है क्योंकि कैफीन शरीर को डिहाइड्रेट करता है.

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सिर्फ प्यास लगने का इंतजार न करें
अक्सर लोग तब पानी पीते हैं जब गला सूखने लगता है. लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स इसे एक ‘चेतावनी’ मानते हैं. नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH) की एक स्टडी बताती है कि प्यास लगना इस बात का संकेत है कि आपका शरीर पहले ही 1-2 प्रतिशत डिहाइड्रेट हो चुका है. इससे बचने के लिए जरूरी है कि आप थोड़े-थोड़े समय पर पानी पीते रहें.

सही हाइड्रेशन न केवल आपकी एनर्जी लेवल को बनाए रखता है, बल्कि यह वजन घटाने और स्किन को ग्लोइंग बनाने में भी मददगार साबित होता है.