मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा अनुसार पूरी ऊर्जा के साथ करें कार्य : मंत्री शुक्ला

भोपाल

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने कहा है कि प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुसार पूरी ऊर्जा के साथ कार्य करें। हमें प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2030 के लिये तय किये गये लक्ष्य को हासिल करने में मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाना है। मंत्री  शुक्ला ने कहा कि लक्ष्य की प्राप्ति के मार्ग में आने वाली सभी बाधाओं को हम सब मिलकर दूर करेंगे। मंत्री  शुक्ला पीएम-कुसुम योजना (कंपोनेंट ‘अ’ एवं ‘स’) के अंतर्गत सौर ऊर्जा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव  मनु वास्तव, एमडी मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम  अमनवीर सिंह बैंस, जीआईजेड के प्रोजेक्ट हेड  बर्नार्ड और सोलर एनर्जी डेवलपर्स मौजूद थे। कार्यशाला में मंत्री  शुक्ला एवं अन्य अतिथियों ने कुसुम योजना अंतर्गत स्थापित किए जाने वाले सौर संयंत्रों के ग्रिड पर लोड संबंधी रिपोर्ट का विमोचन भी किया।

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मंत्री  शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार तीव्र गति से हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत सौर परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक नीतिगत समर्थन प्रदान किया जा रहा है, जिससे किसानों एवं उपभोक्ताओं को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये पॉवर परचेज एग्रीमेंट की प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाया जा रहा है तथा डेवलपर्स को समयबद्ध स्वीकृतियां प्रदान करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इससे परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो सकेंगी।

मंत्री  शुक्ला ने बताया कि राज्य में वृहद स्तर पर सौर ऊर्जा क्षमता विकसित की जा रही है। इसके लिए तकनीकी मूल्यांकन, ग्रिड समन्वय एवं आवश्यक आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सौर परियोजनाओं में आने वाली तकनीकी एवं संचालन संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए विशेषज्ञ संस्थाओं के सहयोग से कार्य किया जा रहा है। मंत्री  शुक्ला ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं डेवलपर्स, यूटिलिटीज एवं अन्य हितधारकों के लिए उपयोगी मंच प्रदान करती हैं, जहां वे अपने अनुभव साझा कर बेहतर समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

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एसीएस नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा  वास्तव ने कहा कि पीएम-कुसुम योजना में सौर ऊर्जा परियोजनाओं का क्रियान्वयन राज्य में सुनियोजित एवं चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बड़े पैमाने पर परियोजनाओं के विकास के साथ-साथ उनके तकनीकी एवं वाणिज्यिक पक्षों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

एमडी ऊर्जा विकास निगम  बैंस ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य डेवलपर्स, यूटिलिटीज एवं अन्य संबंधित हितधारकों की तकनीकी दक्षता को सुदृढ़ करना है, जिससे सौर ऊर्जा परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा सके। प्रदेश में “सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना” के अंतर्गत 493 उपकेंद्रों के माध्यम से लगभग 4022 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिये जीआईजेड, पीआरडीसी एवं आई-डेक की टीमें उपकेंद्रों के तकनीकी एवं कंडिशनल आंकलन का कार्य कर रही हैं।

कार्यशाला में रिएक्टिव पॉवर मैनेजमेंट, ग्रिड स्टडीज, टाइम सीरीज लोड फ्लो विश्लेषण, सोलर पीवी प्रोजेक्ट डेवलपमेंट, गुणवत्ता प्रबंधन, सोलर मॉड्यूल की कार्यक्षमता एवं प्रदर्शन तथा जोखिम प्रबंधन सहित विभिन्न तकनीकी विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी जा रही है। विकासकों द्वारा अपने अनुभव भी साझा किये जा रहे हैं। मंगलवार को कार्यशाला का समापन होगा।

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