छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला जेल में बंद विचाराधीन बंदी संजय बघेल की मौत को लेकर बवाल जारी है। पीड़ित परिवार और ग्रामीण भीम आर्मी सहित अन्य संगठनों के साथ SSP कार्यालय पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मेडिकल कॉलेज में भी भारी हंगामा देखने को मिला है। इस दौरान उन्होंने जेल और पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि करीब पांच दिन पहले कोतरा रोड थाने की टीम ने संजय बघेल को शराब बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि पुलिस ने संजय के साथ पकड़े गए एक अन्य साथी से 40 हजार रुपये लेकर उसे छोड़ दिया, जबकि संजय बघेल को जेल भेज दिया गया। तबीयत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
प्रदर्शनकारियों ने पूर्व में हुई एक और घटना का जिक्र करते हुए कहा कि बीते 4 मई को भी एक विचाराधीन बंदी की संदिग्ध मौत हुई थी। परिजन उस मामले को भी इस घटना से जोड़कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इधर प्रशासन ने इस मामले में दंडाधिकारी (मजिस्ट्रियल) जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही मृतक संजय बघेल के पोस्टमार्टम के लिए अलग से टीम बनाई गई है।
मृतक के पिता प्यारेलाल ने आरोप लगाया है कि घटना के 3 दिन पहले उसके बेटे और उसके एक दोस्त को पुलिस ने शराब बेचने के मामले में पकड़ा था। उसके बाद एक साथी को 40 हजार रुपए लेकर छोड़ दिया पर बेटे को जेल भेज दिया गया। जेल में बेटे के साथ मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसकी जान गई। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव के सरपंच नंदकुमार भी मेडिकल कॉलेज पहुंचकर इस मौत पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मौत में जेल अधिकारियों की बड़ी लापरवाही है। अगर जेल के अंदर संजय बघेल की मौत हुई है तो अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच होनी चाहिए। दोषियों को तत्काल निलंबित कर मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने की पहल होनी चाहिए।
बहरहाल शराब बेचने के मामले में पकड़े गए विचाराधीन बंदी संजय बघेल की मौत से जेल अधिकारियों के ऊपर गंभीर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। वहीं बड़ी संख्या में परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे और वहां हंगामा कर जांच की बात पर अड़े हुए हैं। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन और जेल प्रबंधन की ओर से मौत के कारणों को लेकर आधिकारिक बयान नहीं आया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।