स्टूल में खून दिखे तो न करें नजरअंदाज, जानें रंग क्या बताता है और कब तुरंत डॉक्टर से मिलें

मल में खून आना (Rectal Bleeding) एक ऐसा लक्षण है जिसे अक्सर लोग बवासीर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, हर बार इसका कारण बवासीर नहीं होता। कई बार यह पाचन तंत्र की गंभीर समस्याओं जैसे इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (IBD), डाइवर्टिकुलर डिजीज, पेट या आंतों में अल्सर, पॉलीप्स और यहां तक कि कोलोरेक्टल कैंसर का संकेत भी हो सकता है। डॉक्टर्स के मुताबिक स्टूल में खून का रंग बीमारी के कारण का महत्वपूर्ण संकेत देता है। चमकीला लाल खून आमतौर पर गुदा या निचली आंत से संबंधित समस्याओं की ओर इशारा करता है, जबकि गहरा लाल, मैरून या काला टार जैसा मल ऊपरी पाचन तंत्र में ब्लीडिंग का संकेत हो सकता है। व्यक्ति को यदि पेट दर्द, कमजोरी, चक्कर आना, मल त्याग की आदतों में बदलाव जैसे लक्षण महसूस होते हैं, तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

मल में खून आना क्या बीमारी है?
क्लिवलैंड क्लीनिक के मुताबिक मल में खून आने की स्थिति को रेक्टल ब्लीडिंग के नाम से जाना जाता है। इसका मतलब होता है कि गुदा (रेक्टम) या पाचन तंत्र के किसी हिस्से से खून का निकलना, जो कि मल के साथ दिखाई देता है। यह ब्लड अलग-अलग रंग जैसे कि चमकीला लाल, गहरा लाल, मैरून या काला रंग का दिखाई दे सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार खून का रंग यह बताने में मदद करता है कि ब्लीडिंग पाचन तंत्र के किस हिस्से से हो रही है।

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मल में खून कौन से रंग का दिखाई दे सकता है?
मल में खून का रंग और बनावट डॉक्टरों को संभावित कारण पहचानने में मदद करते हैं।
चमकीला लाल खून 
हेल्थडायरेक्ट के अनुसार यदि टॉयलेट पेपर, कमोड या स्टूल की सतह पर चमकीला लाल खून दिखाई दे, तो यह आमतौर पर गुदा या निचले कोलन से होने वाली ब्लीडिंग का संकेत होता है। इसके सामान्य कारण में बवासीर (Hemorrhoids), एनल फिशर (गुदा में दरार), रेक्टल इंफेक्शन और निचले कोलन की सूजन को शामिल किया जाता है।

मल में खून आने के कारण 
एनसीबीआई के मुताबिक यदि स्टूल गहरे लाल या मैरून रंग का दिखाई दे तो यह बड़ी आंत या छोटी आंत के ऊपरी हिस्से में ब्लीडिंग का संकेत हो सकता है। इसके संभावित कारण में डाइवर्टिकुलर डिजीज, इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (IBD), कोलन पॉलीप्स और कोलोरेक्टल कैंसर को शामिल किया जाता है।
काला और चिपचिपा मल (Black, Tarry Stool)
क्लिवलैंड क्लीनिक के मुताबिक यदि मल कोलतार (Tar) की तरह काला और चिपचिपा दिखे तो यह ऊपरी पाचन तंत्र जैसे पेट या छोटी आंत में ब्लीडिंग का संकेत हो सकता है। पेट का अल्सर, गैस्ट्राइटिस, इसोफेगल वैरीसीज, पेट या डुओडेनम में ब्लीडिंग इसके संभावित कारण हो सकते हैं।

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मल में खून आने के क्या कारण हो सकते हैं?
    बवासीर – एनआईएच के अनुसार बवासीर Rectal Bleeding का सबसे आम कारण माना जाता है। इसमें गुदा या मलाशय की नसों में सूजन आ जाती है। इससे व्यक्ति को मल त्याग करते समय दर्द, खुजली या चमकीला लाल खून दिखाई देता है।
    गुदा में दरार होना (Anal Fissure) – एनसीबीआई के अनुसार कब्ज या कठोर मल के कारण गुदा की त्वचा में छोटी-छोटी दरार बन सकती है, जिससे खून निकल सकता है।
    इंफ्लामेटरी बाउल डिजीज – क्रोहन और कोलाइटिस के मुताबिक क्रोहन रोग (Crohn's Disease) और अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी स्थितियां आंतों में सूजन पैदा करती हैं। जिसकी वजह से व्यक्ति को मल में खून, पेट दर्द, दस्त और लगातार वजन कम होने की समस्या का सामना करना पड़ता है।
    डाइवर्टिकुलर डिजीज (Diverticular Disease) – एनएचएस के मुताबिक बड़ी आंत की दीवार में छोटे पाउच बन जाने को डाइवर्टिकुला कहा जाता है। इनके फटने या सूजन होने पर ब्लीडिंग हो सकती है।
    कोलन कैंसर (Colon Cancer) – अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार कुछ मामलों में मल में खून आना कोलन कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। विशेष रूप से यदि इसके साथ वजन घटना, कमजोरी या मल त्याग की आदतों में बदलाव भी हो।

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मल में खून आने के कारण
किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
क्लिवलैंड क्लीनिक के अनुसार आगे बताए संकेतों या लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और इनके महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
    बार-बार मल में खून आना
    काला या टार जैसा मल
    लगातार पेट दर्द
    अचानक वजन घटना
    चक्कर आना या कमजोरी
    एनीमिया के लक्षण
    मल त्याग की आदतों में बदलाव

मल में खून आना एक ऐसा लक्षण है जिसे कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। हालांकि इसके पीछे बवासीर जैसी सामान्य समस्या हो सकती है, लेकिन कई बार अन्य गंभीर कारण भी इसकी वजह बन सकते हैं। यदि स्टूल में बार-बार खून दिखाई दे, काला मल आए या वजन कम होने जैसे लक्षण हों, तो बिना देरी किए गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए।

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