जांजगीर-चांपा जिले के खरौद नगर पंचायत के उपाध्यक्ष महेश्वर यादव पर कथित जानलेवा हमले के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। गंभीर रूप से घायल महेश्वर यादव ने इस हमले के पीछे पुरानी रंजिश और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को वजह बताया है। वहीं, आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है।
जानकारी के अनुसार, घटना पौनी पसारी सब्जी मार्केट के पास हुई। महेश्वर यादव का आरोप है कि पहले उनके छोटे भाई को रोककर धमकाया गया और मोबाइल से उन्हें मौके पर बुलाया गया। वहां पहुंचते ही समीर यादव, साहिल यादव और स्वप्निल यादव ने उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि तीनों ने मिलकर धारदार हथियार से उन पर जानलेवा वार किए, जिससे उनके सिर, नाक और आंख के पास गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
महेश्वर यादव का कहना है कि नगर में अवैध अतिक्रमण हटाने और सार्वजनिक भूमि को मुक्त कराने में प्रशासन का सहयोग करने के कारण कुछ लोगों ने उनसे रंजिश पाल रखी थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि करीब एक वर्ष पहले भी उनके घर में घुसकर उन पर हमला हुआ था, जिसका मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है।
घटना के बाद महेश्वर यादव ने प्रशासन और भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, कड़ी कानूनी कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। वहीं, स्थानीय नागरिकों ने भी निष्पक्ष जांच और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।