गुड़ और गेहूं के आटे से बनाएं हेल्दी मीठी मठरी, स्वाद भी और सेहत भी

शाम की चाय हो या सुबह का नाश्ता मठरी हर भारतीय घर की पहली पसंद होती है. अक्सर लोग नमकीन मठरी तो बड़े चाव से खाते हैं लेकिन जब बात मीठी मठरी की आती है तो वजन बढ़ने या ब्लड शुगर लेवल हाई होने के डर से लोग इससे दूरी बना लेते हैं.

बाजार में मिलने वाली मीठी मठरी में भारी मात्रा में चीनी और मैदे का इस्तेमाल होता है जो सेहत के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है. लेकिन क्या आपने कभी बिना चीनी वाली मीठी मठरी ट्राई की है. जी हां, आज हम आपके लिए लेकर आए हैं चीनी की जगह गुड़ और मैदे की जगह गेहूं के आटे से बनने वाली बेहद खस्ता और हेल्दी मठरी की रेसिपी. यह स्वाद में इतनी लाजवाब होती है कि खाने के बाद हर कोई आपसे इसकी रेसिपी जरूर पूछेगा.

यह मठरी आयरन से भरपूर गुड़ और फाइबर से भरपूर गेहूं के आटे के मेल से बनती है. इसमें इस्तेमाल होने वाले सफेद तिल इसके क्रंच और स्वाद को दोगुना कर देते हैं. इसे आप लंबे समय तक स्टोर करके भी रख सकते हैं.

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सामग्री:
गेहूं का आटा: 2 कप

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गुड़ (कद्दूकस किया हुआ): ¾ कप

सफेद तिल: 2 बड़े चम्मच

सौंफ पाउडर या कुटी हुई सौंफ: 1 छोटा चम्मच (बेहतरीन फ्लेवर के लिए)

घी या तेल (मोयन के लिए): 4 चम्मच

गुनगुना पानी: आधा कप (गुड़ पिघलाने के लिए)

तेल या घी: तलने के लिए

बनाने की विधि:
सबसे पहले गुनगुने पानी में कद्दूकस किया हुआ गुड़ डालकर अच्छी तरह मिला लें ताकि गुड़ पूरी तरह पिघल जाए. अब इस सिरप को छान लें ताकि गुड़ की अशुद्धियां निकल जाएं. इसे ठंडा होने दें.

एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा लें. इसमें सफेद तिल, सौंफ और 4 चम्मच घी का मोयन डालें. हाथों से आटे को अच्छी तरह रगड़ें ताकि मोयन पूरे आटे में समा जाए (आटे को मुट्ठी में बांधने पर लड्डू जैसा बनना चाहिए).

अब गुड़ के पानी को थोड़ा-थोड़ा करके आटे में डालें और एक सख्त आटा गूंथ लें (जैसे पूरी या नमकीन मठरी का आटा होता है). आटे को 10-15 मिनट के लिए कपड़े से ढककर सेट होने दें.

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आटे की छोटी-छोटी लोइयां तोड़ें. इन्हें हथेलियों के बीच दबाकर चपटा कर लें या बेल लें (मठरी को बहुत पतला न करें, थोड़ा मोटा ही रखें). एक कांटे की मदद से मठरी में छोटे-छोटे छेद कर दें ताकि तलते समय ये फूले नहीं.

कड़ाही में तेल या घी गरम करें. तेल मध्यम गरम होना चाहिए. अब मठरियों को तेल में डालें और गैस की आंच को बिल्कुल धीमा कर दें. इन्हें अलट-पलट कर तब तक तलें जब तक कि ये अंदर तक पक न जाएं और इनका रंग हल्का सुनहरा-भूरा न हो जाए.

गरम होने पर ये थोड़ी सॉफ्ट लगेंगी, लेकिन ठंडी होने के बाद एकदम खस्ता और कुरकुरी हो जाएंगी. पूरी तरह ठंडा होने पर इन्हें एयर-टाइट डिब्बे में बंद करके महीनों तक इस्तेमाल करें.