Amarnath Yatra 2026: तेजी से पिघल रहा बाबा बर्फानी का शिवलिंग, अब सिर्फ 1 फीट शेष; श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर

श्रीनगर 

अमरनाथ यात्रा का आज चौथा दिन है। तीर्थ यात्रियों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है। वहीं, इसके बीच एक चिंता बढ़ाने वाली खबर भी है। कहा जा रहा है कि पवित्र शिवलिंग का आकार पिघलकर 1 फीट रह गया है। खास बात है कि जून के अंत में ऊंचाई करीब 7 फीट देखी गई थी। खास बात है कि यह यात्रा 57 दिनों तक चलती है।

तेजी से पिघल रहे बाबा बर्फानी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमरनाथ में शिवलिंग अब पिघलकर करीब 1 फीट बचे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, 23 मई को ऊंचाई 7 फीट थी, जो 29 जून को 5 फीट पर आ गई थी। अब ताजा तस्वीर में देखा जा रहा है कि शिवलिंग की ऊंचाई घटकर 1 फीट के आसपास रह गई है। खास बात है कि शिवलिंग का निर्माण प्राकृतिक रूप से हर साल होता है, जिसे जियोलॉजी में स्टैलेगमाइट कहा जाता है।

कैसे होता है शिवलिंग का निर्माण
दरअसल, गुफा के ऊपर चूना पत्थर और जिप्सम दरारों से बर्फ और ग्लेशियर के पिघलने से पानी बहता है। पानी जैसे ही गुफा की जमीन तक पहुंचता है, तो बेहद कम तापमान में यह जमना शुरू कर देता है। ऊपर की ओर जमने के क्रम के बाद एक शिवलिंग का आकार तैयार हो जाता है।

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श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी
अमरनाथ यात्रा के तीसरे दिन रविवार को लगभग 24 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकतिक रूप से निर्मित हिम शिवलिंग के दर्शन किए। इसके साथ ही बीते तीन दिन में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 60 हजार के आसपास पहुंच गई है। तीन जुलाई से शुरू अमरनाथ यात्रा 28 अगस्त तक जारी रहेगी।

जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से 1,211 महिलाओं सहित 5,794 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था सोमवार तड़के अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ। उन्होंने बताया कि पांचवें जत्थे में 21 बच्चे, 599 साधु और 76 साध्वियां शामिल हैं। वे तड़के तीन बजकर 10 मिनट से तीन बजकर 45 मिनट के बीच कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में अलग-अलग काफिलों में आधार शिविर से रवाना हुए।

इनमें से 139 वाहनों में सवार 3,490 तीर्थयात्री अनंतनाग जिले के पहलगाम में नुनवान आधार शिविर की ओर जा रहे हैं। जबकि 128 वाहनों में 2,304 तीर्थयात्री गांदरबल जिले के बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुए हैं।

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कठिन यात्रा और हजारों किमी की ऊंचाई
तीर्थयात्री अनंतनाग जिले के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के छोटे लेकिन खड़ी चढ़ाई वाले 14 किलोमीटर के बालटाल मार्ग से एक साथ यात्रा कर रहे हैं। यह गुफा मंदिर दक्षिण हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

यात्रा के लिए वैध परमिट है जरूरी
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को अमरनाथ यात्रा पर जाने के इच्छुक सभी तीर्थयात्रियों से अपील की कि वे अपनी तय तारीख के लिए वैध पंजीकरण परमिट मिलने के बाद ही यात्रा करें। उन्होंने कहा कि सिर्फ पंजीकृत यात्रियों को ही तय तारीख पर पवित्र गुफा मंदिर तक जाने की अनुमति दी जाएगी। यह अपील जम्मू-कश्मीर में बिना सही पंजीकरण के बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के पहुंचने की वजह से की गई है।

कड़ी सुरक्षा के बीच हो रही है यात्रा
सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों वाला सुरक्षा घेरा, दोनों रास्तों पर नो-फ्लाई जोन, वॉचटावर, कड़ी निगरानी और तीर्थयात्रियों के काफिले की रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। पुलिस ने सभी रजिस्टर्ड सर्विस प्रोवाइडर्स को क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र जारी किए हैं, ताकि उनके पहचान पत्रों की तुरंत जांच हो सके और उग्रवादियों को सपोर्ट स्टाफ बनकर घुसने से रोका जा सके।

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इसके अलावा तीर्थयात्रियों, गाड़ियों और सर्विस देने वालों के लिए आरएफआईडी टैग जारी किए गए हैं ताकि उनकी रियल टाइम ट्रैकिंग की जा सके। साथ ही, सीसीटवी कैमरों का एक बड़ा नेटवर्क दोनों तीर्थ मार्गों पर आवाजाही पर नजर रख रहा है।