पढ़ाई के लिए बच्चे कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। कुछ बच्चे कई कई किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचते हैं, तो कुछ ऊंचे-ऊंचे पहाड़ और घने जंगलों का रास्ता तय करते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के विदिशा जिले का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने शिक्षा की राह में बच्चों के संघर्ष की ऐसी तस्वीर दिखाई है, जिसने हर किसी को हिला कर रख दिया है। यहां पर स्कूल जाने के लिए हर दिन बच्चे तेज बहाव वाली बेतवा नदी पार करते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि कई मासूम बच्चे नदी के बीच बने बेहद संकरे स्टॉप डैम पर एक-दूसरे का सहारा लेकर सावधानी से चलते दिख रहे हैं। उनके एक तरफ उफनता और तेज रफ्तार पानी है, तो वहीं दूसरी तरफ स्कूल पहुंचने की मजबूरी। हर कदम के साथ हादसे और खतरा है। थोड़ा सा भी संतुलन बिगड़ने पर बड़ा हादसा हो सकता रहै।
फिर भी, पढ़ने और आगे बढ़ने की चाह इन बच्चों के कदमों को नहीं रोक पा रही है। यह वीडियो सिर्फ बच्चों के स्कूल जाने की कहानी नहीं, बल्कि शिक्षा के लिए उनके साहस, संघर्ष और जज्बे की एक तस्वीर है। जिला प्रशासन के मुताबिक, वायरल वीडियो विदिशा जिले के पालोह गांव का है।
वीडियो में नजर आ रहे बच्चे करुआ गांव के रहने वाले हैं और पालोह के हाई स्कूल में पढ़ाई करने के लिए जाते हैं। अगर यह बच्चे सड़क वाले रास्ते से स्कूल जाएं, तो उन्हें हर दिन करीब 8 से 10 किलोमीटर ज्यादा सफर करना पड़ता है। इसके कारण वो हर दिन स्टॉप डैम पार कर स्कूल जाते हैं।
वीडियो वायरल होने पर प्रशासन ने लिया संज्ञान
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है। विदिशा के एसडीएम क्षितिज शर्मा ने बताया कि बच्चों को साइकिल दी जाएगी, जिसे सुरक्षित रास्ते से स्कूल आ-जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि नदी पर अस्थायी पुल बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके साथ ही प्रभावित गांवों के पास नया स्कूल खोलने की संभावना पर भी विचार हो रहा है, ताकि बच्चों को जान खतरे में डालकर नदी पार न करनी पड़े।
“बच्चों को शिक्षा नहीं, मौत का रास्ता दिया जा रहा है!”
मध्य प्रदेश के विदिशा में स्कूली बच्चों को उफनते स्टॉप डैम पर छलांग लगाकर स्कूल जाना पड़ रहा है। ज़रा सोचिए, अगर एक भी बच्चा फिसल जाए तो उसकी मौत का जिम्मेदार कौन होगा। pic.twitter.com/Ii4v8ADnhK
— M.S Mansoori (@MsforIndia) August 4, 2026