CG : आदिवासी नाबालिग किशोरी की मौत के बाद बवाल, पीएम के बाद परिजनों का शव लेने से इंकार, दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग

सूरजपुर जिला में एक कमरे में फंदे पर लटकी मिली आदिवासी नाबालिग किशोरी की मौत अब सवालों के घेरे में है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने के बावजूद परिवार ने मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताते हुए अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिजन शव लेकर अंबिकापुर स्थित IG कार्यालय पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। परिजनों ने किशोरी के साथ किसी अनहोनी की आशंका भी जताई है।

 

पीएम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया
मिली जानकारी के अनुसार, मामला सूरजपुर जिले के भटगांव थाना क्षेत्र का है। किशोरी का शव 1 सितंबर को एक कमरे में फंदे पर लटका मिला था। घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और उसे परिजनों को सौंप दिया। हालांकि, परिजनों ने मौत की परिस्थितियों को संदिग्ध बताते हुए अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।

 

आदिवासी नाबालिग किशोरी की मौत के बाद बवाल, पीएम के बाद परिजनों का शव लेने से इंकार, दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग

 

शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग
बताया जा रहा है कि, किशोरी कुछ समय से एक परिचित के घर रह रही थी और वहां घरेलू काम करती थी। किशोरी की मौत के बाद परिजनों को 20 हजार रुपये दिए जाने की बात भी सामने आई, जिसके बाद उनका संदेह और गहरा गया। परिवार ने आशंका जताई है कि, किशोरी के साथ कोई अनहोनी हुई हो। मामले को लेकर परिजनों ने अंबिकापुर पहुंचकर IG कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की।

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मामले की जांच अब भी जारी 
परिजनों की मांग पर शव को मेडिकल कॉलेज की मर्चुरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है। IG ने परिवार को मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। अब दोबारा पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि, किशोरी की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। फिलहाल, पुलिस जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत की वास्तविक वजह सामने आने का इंतजार है।