1 अक्टूबर से देश में बड़ा बदलाव, जिसका जेब पर पड़ेगा सीधा असर, बदल रहे हैं ये 6 बड़े नियम, LPG सब्सिडी से बैंक FD रूल तक है लिस्ट में

हर महीने की पहली तारीख की तरह 1 अक्टूबर 2026 से भी आम लोगों की लाइफ, बैंक खातों और रसोई के बजट से जुड़े 6 अहम रूल्स में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं. जहां एक तरफ LPG सब्सिडी पाने के लिए बायोमेट्रिक आधार सत्यापन अनिवार्य किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ₹3 करोड़ से अधिक की जमा राशि को Bulk FD मानने के नए निर्देश दिए हैं. जी हां 1 अक्टूबर 2026 से 6 बड़े नियम बदल रहे हैं, जिनका सीधा असर आपकी रसोई, बैंक खाते और परिवार से जुड़े कामों पर पड़ सकता है. तो आइए आसान भाषा में समझते हैं कि क्या-क्या बदल रहा है.

 

Rules Change From Today: LPG, रेलवे से टैक्स तक… आज से बदल गए 8 बड़े नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

 

LPG सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक आधार जरूरी

1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन यानी BAA जरूरी हो जाएगा. जिन ग्राहकों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें इसे कराना होगा. असल में ऑथेंटिकेशन न कराने पर भी सिलेंडर की सप्लाई बंद नहीं होगी. लेकिन ऐसे ग्राहकों को सिलेंडर मौजूदा बाजार भाव पर खरीदना पड़ सकता है, यानी कि उन्हें सब्सिडी का फायदा नहीं मिलेगा. सरकार का कहना है कि इससे सब्सिडी सही परिवारों तक पहुंचेगी और घरेलू LPG के गलत यूज पर भी रोक लगेगी. 19 सितंबर 2026 तक करीब 89.9 फीसदी एक्टिव LPG ग्राहक BAA पूरा कर चुके थे. अगर आपने अभी तक नहीं कराया है, तो 1 अक्टूबर से पहले करा लें.

See also  पत्नी की संपत्ति पर पति का कितना अधिकार? जानें क्या कहता है कानून

 FD के नियमों में बदलाव

RBI ने बल्क डिपॉजिट को लेकर नए नियम जारी किए हैं. अब 3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की FD बल्क डिपॉजिट मानी जाएगी, जबकि पहले यह सीमा 2 करोड़ रुपये थी. बैंक बल्क FD पर अपनी जरूरत के हिसाब से अलग ब्याज दर तय कर सकेंगे.

इसके साथ ही ब्याज दरों को लेकर भी नया नियम आ रहा है. बैंकों को हर वर्किंग डे सुबह 10 बजे तक अपनी दरें वेबसाइट पर अपडेट करनी होंगी. इसके लिए RBI ने 10 मिनट का ग्रेस पीरियड दिया है, यानी सुबह 10:10 बजे तक नई दर वेबसाइट पर दिखनी चाहिए.

 

छत्तीसगढ़ में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र अब बनेंगे ऑनलाइन, पोर्टल हुआ लॉन्च, पूर्व में बने प्रमाण पत्रों के लिए भी अनिवार्य

 

 

जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन में सख्ती

जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रावधान 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे. देर से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अब पहले से सख्त होगी. 2 साल से ज्यादा देरी होने पर प्रथम कैटेगरी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश जरूरी होगा. वहीं 1 से 2 साल के अंदर रजिस्ट्रेशन के लिए जिलाधिकारी, उप-जिलाधिकारी या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मंजूरी लेनी होगी. अधिकारी जानकारी की जांच करने के बाद तय शुल्क जमा होने पर रजिस्ट्रेशन की अनुमति देंगे. इसकी जानकारी भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण ने गजट अधिसूचना के जरिए दी है. इसका मकसद जन्म-मृत्यु की समय पर रिपोर्टिंग और रजिस्ट्रेशन को बढ़ावा देना है.

See also  Tata Neu Personal Loan, सिर्फ 5 मिनट में पाएं 50 लाख

 UPI पर MDR का प्रस्ताव

15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ कारोबारियों के UPI भुगतानों पर MDR लागू करने का प्रस्ताव है. हालांकि इसका शुल्क सीधे आम ग्राहक से लेने की अनुमति नहीं है. एक इंसान से दूसरे के पेमेंट और 2,000 रुपये तक के कई P2M लेनदेन इससे बाहर रहेंगे. इसका असर मुख्य रूप से कारोबारियों की लागत पर पड़ सकता है, और आम UPI यूजर को सीधे एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना चाहिए.

 बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट की फ्री सुविधा खत्म

इसके साथ ही बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट की मुफ्त सुविधा 30 सितंबर को खत्म हो रही है. 1 अक्टूबर से फिंगरप्रिंट, फोटो आदि के अपडेट के लिए 125 रुपये शुल्क देना होगा. अगर बच्चे का अपडेट बाकी है, तो 30 सितंबर तक करा लेना फायदे में रहेगा.

 

NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS आसान

CBDT ने NRI से घर, जमीन या दूसरी प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS के रूल में चेंज किया है, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे. अब निवासी व्यक्ति और HUF को इसके लिए अलग से TAN लेने की जरूरत नहीं होगी. इसकी जगह PAN के आधार पर चालान-सह-विवरण के जरिए TDS की जानकारी दी जा सकेगी. हालांकि टैक्स काटने की जिम्मेदारी खत्म नहीं हुई है. (नोट: किसी भी नियम की सटीक प्रक्रिया व अपडेट के लिए संबंधित विभाग, बैंक या UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट अवश्य चेक करें.)

See also  ज़ाइप दे रहा है आधार कार्ड से पैसा, 50 हजार से 2 लाख का लोन तत्काल, जाने कैसे मिलेगा लोन

 

 

सऊदी अरब के रियल एस्टेट में बढ़ा भारतीय निवेशकों का भरोसा, तेजी से बढ़ रही प्रॉपर्टी खरीदारी