मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रोटेस्ट बुलाने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा हो गए हैं। दोनों को दिल्ली की एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने शांति न भंग करने की शर्त पर रिहा कर दिया। बाहर आने के बाद सीजेपी के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दिल्ली पुलिस और सरकार पर जमकर हमला बोला। हालांकि, दास को डर भी सता रहा है कि दिल्ली पुलिस उनके फोन की हैकिंग भी कर सकती है।
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सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि हिरासत के दौरान उनका मोबाइल फोन ले लिया गया था और आशंका जताई कि शायद उसे हैक भी कर लिया गया। उसमें कुछ बाहर से कुछ सबूत भी डाला जा सकता है। रिहा होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सौरव दास ने कहा, ”हमारे फोन सीज किए, लेकिन सीजर मेमो नहीं दिया। अब आशंका है कि उन्होंने (दिल्ली पुलिस) हमारे फोन में क्या-क्या किया होगा? हमें आशंका है कि हमारे फोन को हैक किया गया, फोन को शायद क्लोन किया गया। जैसे दूसरे एक्टिविस्ट लोगों के साथ हुआ, वैसे ही हमारे फोन में भी शायद हैक करके डॉक्यूमेंट्स या कुछ सबूत प्लांट कर दिया है। यह आशंका है। उन्हें लीगल प्रोसेस फॉलो करना होता, वो उन्होंने नहीं किया। उनका चोरी वाला दिमाग दिख रहा है। हमारे फोन को भी शायद हैक कर दिया गया।”
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उन्होंने आगे कहा, ”अमित शाह और पीएम मोदी के कहने पर दिल्ली पुलिस ने गैर-कानूनी तरह से नागरिकों पर बर्बरता कर रहे हैं। सिर फोड़े गए। एनएचआरसी सो रही है क्या? हमारे खिलाफ तो कई नोटिस भेज दिए, लेकिन यहां पर एनएचआरसी, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट कहां है? यह इमरजेंसी है। सौरव दास ने यह भी कहा कि पिछले तीन-चार दिनों में पूरी दिल्ली में छावनी डाल दी गई। 30-40 हजार फोर्स बुलाई गई। बंगाल, कश्मीर, बॉर्डर से एयरलिफ्ट करके दिल्ली बुलाया गया। आपको किसी आंदोलन के खिलाफ निगेटिव माहौल बनाना है तो उसमें क्या करोगे कि पूरे नागरिकों के लिए दिक्कत तैयार करोगे। वही दिल्ली में हो रहा है। 45 मेट्रो को बंद कर देना, ट्रेनों, राजधानी एक्सप्रेस को बंद कर देना। दुकानों को भी बंद कर दिया गया।
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सौरव दास ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने देश को अपने ही नागरिकों के खिलाफ खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि निर्धारित स्थल पर प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे लोगों पर पाबंदियां लगाने के बजाय अधिकारी बातचीत के लिए एक प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित कर सकते थे। नेताओं की रिहाई के समय लगाई गई शर्त का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ”उन्होंने हमें अवैध रूप से हिरासत में रखा था। उन्होंने कहा है कि एक साल तक शांति भंग नहीं होनी चाहिए। शांति भंग करने का काम नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार ने किया है।” दास ने कहा, ”प्रदर्शन जारी हैं…प्रदर्शन सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में होंगे।”
#WATCH दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “उन्होंने हमारे फोन जब्त कर लिए लेकिन जब्ती का कोई मेमो नहीं दिया… हमें आशंका है कि हमारे फोन हैक या क्लोन किए गए हैं। जैसा कि पिछले कुछ सालों में दूसरे एक्टिविस्ट्स के साथ हुआ है, हमें डर है कि उन्होंने हमारे डिवाइस हैक करके उनमें ऐसे दस्तावेज या दूसरी चीजें डाल दी हों जिन्हें बाद में सबूत के तौर पर पेश किया जा सके… हम यह साफ करना चाहते हैं कि हमारे फोन शायद हैक हो चुके हैं…”
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 11, 2026