उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। दिल्ली के इंडिया गेट पर पूर्व भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे अंकिता के माता-पिता को गुरुवार सुबह करीब 4 बजे हिरासत में ले लिया गया। हालांकि, धरना देने के बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। परिवार की मांग है कि अंकिता हत्याकांड में कथित वीआईपी कनेक्शन की जांच पूरी होने तक गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।
अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि मामले में कथित वीआईपी एंगल की जांच पूरी होने तक इस नियुक्ति को रोक दिया जाए। परिवार का कहना है कि जब तक मामले से जुड़े सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद अधूरी है।
नरेंद्र मोदी ने सुबह 4 बजे पुलिस भेजकर अंकिता के माता-पिता को गिरफ्तार करवा दिया.
‘VIP’ दुष्यंत गौतम को बचाने के लिए नरेंद्र मोदी ने हद पार कर दी है.
पहले उसे राज्यपाल बना दिया, अब जब अंकिता के माता-पिता इंसाफ मांग रहे हैं तो उनकी आवाज को कुचला जा रहा है.
शर्मनाक! https://t.co/sVpYdYTBGP
— Congress (@INCIndia) October 15, 2026
बुधवार शाम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इंडिया गेट के पास प्रदर्शन कर रहे अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने उनके धरने में शामिल होकर समर्थन जताया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भाजपा पर मामले में कथित वीआईपी आरोपी को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परिवार लंबे समय से न्याय का इंतजार कर रहा है और कांग्रेस इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी है।
मां ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी, पिता ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से साझा किए गए दृश्यों में अंकिता की मां को पुलिस हिरासत में ले जाते हुए दिखाया गया। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई, तो वे अपने घर पर भूख हड़ताल करेंगी। वहीं, अंकिता के पिता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर देशभर में लोग सड़कों पर उतर सकते हैं।
दिल्ली पुलिस ने आधी रात 3.45 बजे इंडिया गेट पहुंचकर धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के मां–बाप और कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस सभी को बस में भरकर ले गई। हालांकि मां–बाप को आज सुबह 6 बजे छोड़ दिया। फैमिली की मांग है कि CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम राज्यपाल पद पर नियुक्ति न दी जाए।
— Sachin Gupta (@Sachingupta) October 15, 2026
कांग्रेस और CJP ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं सुप्रिया श्रीनेत, पवन खेड़ा और काजी निजामुद्दीन ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय की मांग कर रहे परिवार के साथ कठोर व्यवहार किया जा रहा है। वहीं, कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाए। परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्तक्षेप कर मामले से जुड़े सभी आरोपों की जांच सुनिश्चित करने की अपील की है।
#WATCH | Ankita Bhandari murder case | Delhi | Ankita Bhandari’s mother says, “We want to state that we will remain steadfast until his (Dushyant Gautam) appointment is revoked… If we are not permitted to sit here, we will sit on a hunger strike in our own homes…”
Her father says, “We give the government a 24-hour ultimatum: the appointment of Dushyant Kumar as the Governor of Sikkim must be cancelled. If it is not revoked, the people across the entire country will take to the streets, and the government will be held responsible”
— ANI (@ANI) October 15, 2026
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
19 वर्षीय अंकिता भंडारी ऋषिकेश के वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या कर दी गई थी और चार दिन बाद उनका शव चिल्ला नहर में मिला था। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता को दोषी ठहराया गया था। अंकिता के परिवार ने हत्या में कथित वीआईपी की भूमिका की गहन जांच की मांग की है। दुष्यंत गौतम इस मामले में आरोपी के तौर पर नामजद नहीं हैं। उनके खिलाफ लगाए गए आरोप अप्रमाणित हैं और उन्होंने इन्हें खारिज किया है।
घटना 18 सितंबर 2022 की है, जब पौड़ी जिले के यमकेश्वर स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर कार्यरत अंकिता की हत्या कर दी गई। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, जो रिजॉर्ट का मालिक था, ने अपने दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर अंकिता को चीला नहर में धक्का दे दिया, जिससे उसकी डूबने से मौत हो गई।
जांच में सामने आया कि पुलकित अंकिता पर रिजॉर्ट में आने वाले खास मेहमानों को ‘स्पेशल सर्विस’ देने का दबाव बना रहा था। जब अंकिता ने इसका विरोध किया, तो उसे रास्ते से हटा दिया गया। यह न सिर्फ एक जघन्य अपराध था, बल्कि यह हमारे समाज में सत्ता और पैसे के दम पर महिलाओं को दबाने की मानसिकता को भी उजागर करता है।
भाजपा नेता के बेटे की करतूत
अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari Murder Case) में खास बात यह रही कि मुख्य आरोपी पुलकित आर्य भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा है। जब यह मामला सामने आया, तो प्रदेशभर में भारी आक्रोश फैला। जनता का गुस्सा इतना था कि सरकार को तत्काल पुलकित के पिता को पार्टी से बाहर निकालना पड़ा और इस केस की जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन करना पड़ा।