सौरभ दास और आशुतोष रांका जेल से बाहर आ चुके हैं। इसके साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी ने संकेत दिए हैं कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ उनका प्रदर्शन रुका नहीं है। खुद पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके भी इस संबंध में एक वीडियो जारी कर चुके हैं। हालांकि, उन्होंने अब तक ऐलान नहीं किया है कि सीजेपी का ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अगला कदम क्या होगा।
कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट की फटकार के बाद एसईएम की अदालत ने सात दिन की न्यायिक हिरासत के बाद रिहा कर दिया। हाईकोर्ट ने बुधवार को सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत में दखल देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि वे विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के फैसले का इंतजार करें।
क्या आपको लगता है कि तिहाड़ जेल इन कॉकरोचों का हौसला तोड़ पाएगी…?
तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका का और सौरव दास… https://t.co/G0EPurbX7w
— Shailendra Yadav (@Shailendraydv61) October 21, 2026
सौरभ दास का 9 दिन के बाद पहला पोस्ट
सौरभ दास ने बुधवार रात करीब 9 दिनों के बाद एक्स पर पहला पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा, ‘ज्ञानू मस्ट गो’। दरअसल, इसका इस्तेमाल सीजेपी ज्ञानेश कुमार के लिए करती है। वहीं, दीपके की तरफ से शेयर किए गए वीडियो में रांका और दास दोनों नजर आ रहे हैं। वह वीडियो में कह रहे हैं कि भारत माता की जय और इंकलाब जिंदा बाद, ज्ञानेश कुमार को जाना होगा।
अभिजीत दीपके ने मिलकर रणनीति बनाने की कही थी बात
हाल ही में दीपके ने कहा था कि सीजेपी के दोनों नेताओं के बाहर आने के बाद आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा था, ‘आशुतोष रांका और सौरभ दास के बाहर आने का बाद हम दोबारा मिलेंगे और दोबारा रणनीति बनाएंगे। हम देखेंगे कि इसको कैसे अब आगे ले जा सकते हैं। क्योंकि जो हमने पिछले दिनों में देखा कि कैसे लोगों को गैर कानूनी तरीके से हिरासत में लिया जा रहा है। एक तरीके से हमें घबराने की कोशिश की जा रही है।’
#WATCH | दिल्ली: वकील अभिक चिमनी ने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, 19 तारीख को उन्हें दो दिन की हिरासत में भेजा गया था, और आज वे दो दिन पूरे हो गए हैं। कई कारण बताते हुए उन्हें और हिरासत में रखने की अर्जी दी गई थी। हमने कोर्ट को यह समझाने की कोशिश की कि ये कारण काफी नहीं हैं और हम इनसे सहमत नहीं हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, कोर्ट ने हमारे ज़मानतदारों के बारे में पूछा और उनके आधार पर रिहाई का आदेश जारी कर दिया। अभी तक आदेश की कॉपी नहीं मिली है, इसलिए मैं इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं दे सकता। इसमें एक अंडरटेकिंग बॉन्ड (एक सामान्य प्रक्रिया) है, जिसमें हमने भरोसा दिलाया है कि हम कानून-व्यवस्था नहीं तोड़ेंगे—वैसे भी हमारा ऐसा कोई इरादा कभी था ही नहीं। हमने यह भी कहा है कि हम अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखेंगे। रिहाई के समय की बात करें तो, यह आज ही होनी चाहिए…”
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 21, 2026
CJP का अगला प्रदर्शन कब है
फिलहाल, इसे लेकर औपचारिक रूप से पार्टी ने कुछ नहीं कहा है। न ही रणनीति के बारे में बताया गया है। संभावनाएं जताई जा रहीं हैं कि रांका और दास के बाहर आने के बाद सीजेपी जल्द ही बैठक कर सकती है। इससे पहले पार्टी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया था और बाद में कनॉट प्लेस के पास सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने की घोषणा की थी।
सशर्त रिहा हुए हैं आशुतोष रांका और सौरभ दास
दास और रांका को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया गया। दोनों ने हलफनामा दिया कि वे शांति भंग नहीं करेंगे और जब तक जंतर-मंतर अधिसूचित धरना स्थल नहीं है, तब तक वहां विरोध-प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। इससे पहले पुलिस ने दास और रांका की न्यायिक हिरासत तीन दिन बढ़ाने का अनुरोध किया था।
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा था शुरुआत में दोनों नेता छात्र आंदोलन में शामिल थे, लेकिन अब मुद्दा अलग है। सत्ता परिवर्तन की बात भी सामने आई है। आंदोलन में लोग वही रहते हैं, लेकिन मुद्दे बदल जाते हैं। सत्ता परिवर्तन आमतौर पर मतदान के जरिए करते हैं। यही व्यवस्था है।
Saurav Das was welcomed with the Tiranga. But isn’t draping the national flag around someone who has been released on bail an insult to the tiranga?
He looks way too happy Looks like Umar Khalid must have given him a really hard time inside. Iykyk https://t.co/QJeHPB6BJh
— Vansh Arora (@BeelzebubJagga) October 21, 2026