रायपुर में बोलेरो मैक्स पिकअप से 4 करोड़ रुपए बरामद, नकदी देखकर पुलिस भी हैरान, 2 लोग गिरफ्तार, नागपुर जा रही थी रकम

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने संदिग्ध परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान बड़ी कार्रवाई की है। खुर्सीपार थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान एक बोलेरो मैक्स पिकअप के गुप्त चेंबर से चार करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन रायपुर से नागपुर की ओर जा रहा था। पुलिस ने डबरापारा के पास वाहन को रोककर तलाशी ली, तो उसके पिछले हिस्से में विशेष रूप से बनाया गया गुप्त चेंबर मिला। चेंबर खोलने पर उसमें भारी मात्रा में भारतीय मुद्रा छिपाकर रखी हुई मिली। पुलिस के अनुसार, वाहन में दो व्यक्ति सवार थे, जिनकी पहचान चालक भवेशभाई जीनाभाई डाभी और विष्णुदेव दुबे के रूप में हुई है। मामले की वित्तीय जांच के लिए आयकर विभाग को सूचना भेजने की प्रक्रिया भी की जा रही है।

 

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जानकारी के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में दुर्ग पुलिस अवैध गतिविधियों और संदिग्ध परिवहन के खिलाफ जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि सफेद रंग के बोलेरो मैक्स पिकअप वाहन में बड़ी मात्रा में नकदी रायपुर से नागपुर ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर खुर्सीपार थाना क्षेत्र के डबरापारा के पास वाहन चेकिंग की गई। रात करीब 11 बजे पुलिस टीम ने संदिग्ध पिकअप को रोककर उसकी जांच शुरू की। बोलेरो मैक्स पिकअप में बनाया गया था गुप्त चेंबर पुलिस ने जिस वाहन को रोका, वह सफेद रंग की बोलेरो मैक्स पिकअप थी। वाहन का पंजीयन क्रमांक CG 04 QU 5996 बताया गया है। जांच के दौरान पुलिस को वाहन के पिछले हिस्से में असामान्य बदलाव दिखाई दिए। पिकअप का पिछला हिस्सा मॉडिफाई कर पूरी तरह बंद किया गया था। इसके बाद पुलिस टीम ने वाहन की सघन तलाशी ली। तलाशी के दौरान पिछले हिस्से में विशेष रूप से तैयार किया गया एक गुप्त चेंबर मिला।वाहन के मॉडिफाई किए गए हिस्से में बने गुप्त चेंबर को खोलने पर पुलिस को बड़ी मात्रा में भारतीय मुद्रा मिली। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, चेंबर में छिपाकर रखी गई कुल रकम चार करोड़ रुपये है। इतनी बड़ी राशि वाहन के भीतर छिपाकर ले जाए जाने के कारण पुलिस अब इसके स्रोत और परिवहन के उद्देश्य की जांच कर रही है।

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वाहन में सवार दो व्यक्तियों से पूछताछ वाहन चेकिंग के दौरान पिकअप में दो व्यक्ति सवार मिले। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम भवेशभाई जीनाभाई डाभी और विष्णुदेव दुबे बताए। भवेशभाई जीनाभाई डाभी वाहन चला रहे थे। पुलिस दोनों व्यक्तियों से नकदी के स्रोत और उसके स्वामित्व के संबंध में जानकारी जुटा रही है। यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रकम किसकी है और इसे रायपुर से नागपुर किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। रायपुर से नागपुर जा रही थी पिकअप प्रारंभिक पुलिस जानकारी के अनुसार, नकदी लेकर जा रही बोलेरो मैक्स पिकअप रायपुर से नागपुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान खुर्सीपार थाना क्षेत्र में पुलिस ने वाहन को रोक लिया। पुलिस जांच में रकम के वास्तविक मालिक, परिवहन के उद्देश्य और उससे जुड़े दस्तावेजों की जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि बरामद रकम किसी कारोबारी लेनदेन से जुड़ी है या किसी अन्य गतिविधि से। आयकर विभाग को दी जा रही सूचना चार करोड़ रुपये की नकदी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की वित्तीय जांच के लिए आयकर विभाग को सूचना भेजने की प्रक्रिया शुरू की है। आयकर विभाग की जांच में रकम के स्रोत, स्वामित्व और संबंधित वित्तीय दस्तावेजों का परीक्षण किया जा सकता है। इससे यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि इतनी बड़ी राशि का परिवहन किस उद्देश्य से किया जा रहा था।

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पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में अवैध गतिविधियों और संदिग्ध परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। सूचना के आधार पर वाहन को रोकना, उसकी सघन तलाशी लेना और गुप्त चेंबर से नकदी बरामद करना इस अभियान की महत्वपूर्ण कार्रवाई रही। मामले में संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ जारी है। नकदी का स्रोत और मालिक कौन? जांच जारी चार करोड़ रुपये की नकदी बरामद होने के बाद पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल रकम के वास्तविक स्रोत और स्वामित्व का है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकदी किस व्यक्ति या संस्था से संबंधित है और इसे नागपुर क्यों ले जाया जा रहा था। हालांकि, केवल बड़ी मात्रा में नकदी मिलने या वाहन में गुप्त चेंबर होने से रकम के अवैध स्रोत का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए वित्तीय दस्तावेजों, संबंधित व्यक्तियों के बयान और जांच के अन्य तथ्यों का परीक्षण आवश्यक होगा। खुर्सीपार थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस नियमानुसार आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर रही है। दोनों व्यक्तियों से पूछताछ के साथ रकम के वित्तीय स्रोत की जांच की जा रही है। आयकर विभाग को सूचना भेजने की प्रक्रिया भी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद नकदी के संबंध में कौन-सी कानूनी धाराएं लागू होंगी और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

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