छत्तीसगढ़ के इस अस्पताल में प्रसव से तड़पती महिला को देखने तक नहीं पहुंचा कोई, बच्चे की मौत

Johar36garh (Web Desk)|सुरक्षित प्रसव कराने के लिए बड़ी-बड़ी बाधाओं को पार कर वे हॉस्पिटल पहुंचे, लेकिन हॉस्पिटल की लापरवाही ने माँ से उसका बच्चा छीन लिया| शिकायत के बाद 3 स्टाफ सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया|  घटना छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले की है |

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में एक अस्पताल की लापरवाही की कीमत गर्भवती महिला को अपने बच्चे की जान देकर चुकानी पड़ी | मामला जिले के भोपालपटनम का है यहां 13 जुलाई को एक गर्भवती महिला को खाना बनाने वाले बड़े बर्तन बिठाकर नदी पार कराई गई|  जिसके बाद उसे बहुत मुश्किल से अस्पताल पहुंचाया गया, मगर वहां स्टाफ की लापरवाही पीछा नहीं छोड़ी, घंटों इंतजार करने के बाद बच्चे की मौत हो गई|

महिला के पति हरीश ने आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल में मौजूद स्टाफ उसकी पत्नी को देखने तक नहीं आया और घंटो तक डॉक्टर का इंतजार करना पड़ा हरीश ने इस सिलसिले में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर से इसकी शिकायत की है | शिकायत में उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में अस्पताल कर्मचारियों पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती है तो वह कलेक्टर से भी इसकी शिकायत करेंगे|  इस मामले में बीएमओ अजय रामटेक ने कहा कि अस्पताल के 3 स्टाफ सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है | हम जांच कर रहे हैं की गर्भवती महिला के साथ उस रात क्या क्या हुआ इस मामले में कार्यवाही की जाएगी|  हालांकि हरीश का कहना है कि उसे इस मामले में एक हफ्ते तक कोई जानकारी नहीं मिली है

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मामिदगुडा निवासी हरीश की शादी 4 साल पहले मिनूर निवासी लक्ष्मी से हुई थी| मामिदगुडागांव में रहने वाली यह दंपति इस साल अपने पहले बच्चे की डिलीवरी की उम्मीद कर रहे थे | दोनों पति-पत्नी पिछले कई दिनों से अपना घर मामिदगुडा को छोड़कर लक्ष्मी के माता-पिता के गांव मीनूर आए हुए थे|  क्योंकि उनका घर भोपालपटनम के स्वास्थ्य केंद्र 45 किलोमीटर के करीब था गोरेला पंचायत में आने वाला यह गांव बीजापुर से 43 जबकि तहसील से महज 15 किलोमीटर दूर है हालांकि गोरेला और मीनूर के बीच चिंतावागु नदी बहती है

13 जुलाई को जब हरीश की पत्नी को पेट में दर्द उठा तो उसे परिवार को मदद से नदी को पार कर गौरेला स्थित एंबुलेंस तक पहुंचने की कोशिश में जुट गए | नदी पार कराने के लिए उन्होंने खाना बनाने वाले बड़े बर्तन में लक्ष्मी को बिठाया |  इसके मुताबिक नदी के तल से बिछल भरे होने के बावजूद उन्होंने नदी पार गई और दोपहर 3:00 बजे भोपालपटनम अस्पताल पहुंच गए|  अस्पताल पहुंचने के बाद उनकी पत्नी ने कई बार दर्द की शिकायत की लेकिन नर्स ने उन्हें नॉर्मल डिलीवरी के लिए इंतजार करना जारी रखा |

हरीश की शिकायत है कि स्टाफ ने उन्हें देर रात तक इंतजार कराया | जिसके बाद रात 9:00 बजे दर्द की वजह से लक्ष्मी का ब्लड प्रेशर गिर गया तो नर्स ने उसे डांटना शुरू कर दिया|  जिसके बाद उन्होंने ऑन ड्यूटी डॉक्टर को बुलाया|  रात 10. 30 बजे डॉक्टर ने लक्ष्मी की डिलीवरी कराई गई, जिसमें बच्चा मृत पैदा हुआ |