जांजगीर जिला के ग्रामीण ने आईजी दफ्तर के बहार खाया ज़हर, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

JJohar36garh News|बिलासपुर आईजी ऑफिस में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जांजगीर-चांपा से आए एक ग्रामीण ने जहर खा लिया। उसने पुलिस पर शिकायत पर कार्यवाई करने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। उसने ये भी बताया कि गांव के सरपंच ने उसके साथ मारपीट और पत्नी के साथ दुर्व्यवहार किया। पीड़ित ने बताया कि जब सरपंच की शिकायत उसने पुलिस से की, तो पुलिस ने उल्टा उसी पर केस दर्ज कर लिया और उसकी शिकायत लिखने के लिए रिश्वत की मांग की। फिलहाल गंभीर हालत में पीड़ित ग्रामीण को सिम्स में भर्ती कराया गया है।

मामला जांजगीर-चांपा जिले के मालखरौदा थाना क्षेत्र का है। युवक छतराम काठले अपने छोटे भाई के साथ बिलासपुर आईजी ऑफिस पहुंचा था। उस वक्त आईजी रतनलाल डांगी बाहर थे। इसके बाद वो बीएसपी दीप माला कश्यप के पास गया और अपने गांव के सरपंच के खिलाफ लिखित में शिकायत दी और स्थानीय पुलिस के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाए। पीड़ित छतराम काठले ने आरोप लगाया कि गांव के सरपंच ने उसके साथ मारपीट की है। इसके अलावा उसकी पत्नी के साथ भी दुर्व्यवहार किया है, लेकिन पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। बल्कि उससे शिकायत दर्ज करने के लिए रिश्वत की मांग की। पीड़ित ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उल्टा उसके खिलाफ ही सरपंच की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया।

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एएसपी दीपमाला कश्यप के अनुसार छतराम ने आकर उन्हें शिकायत की कापी दी और अचानक उसी समय जेब से कोई जहरीला पदार्थ निकालकर पी लिया। उसे तत्काल सिम्स में भर्ती कराया गया है।

एएसपी सिटी उमेश कश्यप ने कहा है कि छतराम के खिलाफ जांजगीर चांपा जिले के मालखरौदा थाने में लूट व मारपीट का मामला दर्ज है। उसका बयान दर्ज कर लिया गया है। इस संबंध में जांजगीर-चांपा जिले एएसपी सिटी महादेवा ने कहा उसकी शिकायत की जांच की गई। उसने जिन गवाहों के नाम बताए थे उनका बयान लिया गया पर वे मुकर गए। एएसपी के अनुसार छतराम के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में करीब 10 केस दर्ज हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए ऐसा किया है।

भाई ने कहा- सरपंच के साथ मिलकर पुलिस उसके भाई को परेशान कर रही है
छतराम के भाई लोकनाथ ने बताया कि छोटे रबेली के सरपंच द्वारिका प्रसाद ने 12 दिसंबर 2020 को उसके भाई को टांगी से मारा था तथा भाभी के साथ दुर्व्यवहार किया था। छतराम मालखरौदा थाने गया तो पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज नहीं की। उससे पैसे की मांग की गई।

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पैसा नहीं दिया तो सरपंच की रिपोर्ट पर उसके ही खिलाफ लूट व मारपीट का मामला दर्ज कर लिया गया। अजाक थाने में जाकर शिकायत की। पुलिस ने जांच के बहाने गवाहों को डरा धमकाकर सरपंच के पक्ष में बयान लिखवा लिया। सरपंच से लेनदेन कर उसके भाई को ही आरोपी बना दिया गया। इससे वह परेशान था।

पुलिस सरपंच के साथ मिलकर उसके भाई को प्रताड़ित कर रही थी। उनकी ही शिकायत लेकर वह आईजी के पास आया था। आईजी मौजूद नहीं थे। वह यहां मौजूद दूसरे अधिकारियों के पास गया। वह बाहर खड़ा था। इसके बाद छतराम के जहर पीने की सूचना मिली।

सक्षम अधिकारी से कराई जाएगी जांच-आईजी : आईजी रतनलाल डांगी ने कहा कि जिस व्यक्ति ने जहर पिया उसके खिलाफ मालखरौदा थाने में कई केस दर्ज हैं। उस पर अपने ही गांव के सरपंच को बंधक बनाने, मारपीट व लूटपाट करने का आरोप है और फरार था। जब उसकी शिकायत ले ली गई थी तो जहर खाने की जरूरत क्या थी।

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