नाबालिक के दुष्कर्म मामले में आने लगे सपा-बसपा जिलाध्यक्ष के नाम, 28 लोगों के खिलाफ रेप की FIR दर्ज

JJohar36garh News|यूपी के ललितपुर (Lalitpur Gangrape) में किशोरी के साथ पिता-चाचा समेत 28 लोगों के गैंगरेप करने से जुड़े मामले में अब राजनीति शुरू हो गई है. इस मामले में पीड़ित के परिवार के लोगों के अलावा सपा-बसपा जिलाध्यक्ष समेत 28 लोगों के खिलाफ रेप की FIR दर्ज की गई है. बुधवार को कोर्ट में किशोरी के 164 के बयान और मेडिकल के बाद पुलिस ने रात में तबड़तोड़ दबिश देकर आरोपी पिता, सपा जिलाध्यक्ष के भाई समेत चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. उधर सपा ने इसे बीजेपी की साजिश बता दिया है जबकि बसपा ने मामले की जांच न होने तक गिरफ्तारी न किए जाने की बात कही है.

बता दें कि बुधवार को पुलिस ने सिविल जज जूनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक गरिमा सक्सेना की कोर्ट में किशोरी के बयान कराए. इसके बाद एसपी निखिल पाठक ने आरोपितों को पकड़ने के निर्देश दिए. कोतवाली पुलिस और एसओजी ने छापेमारी कर सबसे पहले आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया. उसके बाद दो अन्य नामजद परिजन और सपा जिलाध्यक्ष का भाई अरविंद यादव को भी गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने बताया कि कई आरोपितो ने अपने फोन बंद कर लिए हैं और कुछ ने राजनीतिक शरण ले ली है. बुधवार शाम डीआईजी जोगिंदर कुमार ने पीड़िता के घर पर उसे सुरक्षा, न्याय का भरोसा दिलाया. एसपी ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो शासन एसआईटी भी गठित कर सकता है

See also  शरारतन माहौल बिगाड़ने वाले उपद्रवियों पर कार्रवाई ऐसी हो, जो नजीर बने: मुख्यमंत्री

रेप केस में सपा जिलाध्यक्ष तिलक यादव और उनके भाइयों की नामजदगी का विरोध करने पहुंचे करीब 150 सपा नेता और कार्यकर्ता पॉक्सो एक्ट में फंस गए हैं. दरअसल उन्होंने जो ज्ञापन दिया उसमें रेप का आरोप लगाने वाली किशोरी का नाम लिख कर उसे सार्वजनिक कर दिया. ज्ञापन देते समय झांसी के सपा जिलाध्यक्ष महेश कश्यप, पूर्व विधायक रमेश कुशवाहा, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष शिशुपाल सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष झांसी छत्रपाल सिंह, सहकारी बैंक के पूर्व जिलाध्यक्ष फूलसिंह नन्ना, पूर्व ब्लॉक प्रमुख यादवेंद्र, पूर्व जिलाध्यक्ष कैलाश सिंह समेत करीब 150 लोग शमिल थे.

बता दें कि पीड़िता के भाई ने भी अपने पिता पर दुष्कर्म की कोशिश करने का आरोप लगाया है. पुत्र ने पिता पर आरोप लगाया है कि वह उसके साथ भी दुष्कर्म की कोशिश करता था और विरोध पर मां की हत्या की धमकी देता था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक पिता ने पुत्री से दुष्कर्म करते लोगों की कई वीडियो क्लिप बनाई थीं. यह वीडियो पुत्री ने अपने पिता के मोबाइल फोन में देखे और अपने फोन में सेव कर लिया. बताया जा रहा है कि तहरीर देते समय किशोरी ने ऐसे वीडियो भी पुलिस को सौंपे. हालांकि पुलिस ने फिलहाल इन वीडियोज की पुष्टि नहीं की है.

See also  ओडिशा में बारिश और भूस्खलन का कहर, सड़कें जाम, रेल सेवाएं प्रभावित

किशोरी के साथ दुष्कर्म मामले में आरोपित बनाए गए सपा और बसपा के जिलाध्यक्षों के बचाव में पार्टी मैदान में उतर आई है. बुधवार को समाजवादी पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन कर एसपी व एसडीएम को ज्ञापन सौंपा. बकौल सपा नेता, उन्होंने एसपी से सीबीसीआईडी, सीबीआई सहित किसी भी एजेंसी से मामले की जांच कराने के लिए कहा है. पार्टी के मुताबिक सपा जिलाध्यक्ष तिलक यादव एडवोकेट की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से किशोरी ने राजनीतिक विरोधियों के साथ मिलकर षड्यंत्र के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कराया है. बीजेपी नेता उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं. तिलक और उनके भाइयों अरविन्द, महेन्द्र, राजू व पार्टी पदाधिकारियों का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है, उन्होंने चार चिकित्सकों के पैनल से किशोरी का पुन: चिकित्सीय परीक्षण, नार्को टेस्ट कराने व उसकी मां के मोबाइल फोन की एक माह की कॉल डिटेल निकालकर जांच की मांग उठाई.

उधर किशोरी से दुष्कर्म के हाईप्रोफाइल मामले में बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपक अहिरवार व जिला उपाध्यक्ष नीरज तिवारी पर लगे आरोपों पर पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे. बसपा पदाधिकारियों ने अफसरों को बताया कि यह राजनीतिक षड्यंत्र प्रतीत हो रहा है. उन्होंने खुद को अनुशासित संगठन का सदस्य बताते हुए कहा कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए. जब तक पड़ताल पूर्ण नहीं हो जाए तब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया जाए.

See also  असम के 28 जिले बाढ़ की चपेट में, 11 लाख लोग प्रभावित