बेटे को बचाने के लिए गई मां की रॉड, लाठी-डंडा बैट, मुक्का से पीट-पीटकर की हत्या, खंभे से बंधा रहा बेटा

बिहार के सीतामढ़ी में सड़क पर पीट-पीटकर एक महिला की हत्या कर दी गई। महिला अपने बेटे को बचाने के लिए गई थी। हमलावर उसके बेटे को खंभे से बांधकर पीट रहे थे। मां के पहुंचने पर उसपर लाठी-डंडे से हमला कर दिया। बाजपट्टी-सीतामढ़ी मुख्य पथ पर गेनपुर चौक के समीप रविवार की दोपहर सड़क के बीच पीट-पीटकर एक महिला की हत्या कर दी गयी।

मृतका की पहचान बनगांव गोट निवासी रामचंद्र महतो की पत्नी महावती देवी (55) के रूप में की गई है। घटना के बाद आरोपित सभी फरार हो गए। उधर, मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचकर सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब तीन घंटे तक सड़क जाम रही। इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस को भी लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना था कि करीब एक किमी की दूरी पर थाना है, इसके बावजूद पुलिस घटना के घंटों बाद पहुंची। सख्त कार्रवाई के आश्वासन के बाद जाम हटा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा।

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मृतका का पुत्र सत्यनारायण महतो एक ग्रामीण के साथ सीतामढ़ी से बाइक से घर लौट रहा था। तभी गेनपुर चौक से सटे पूरब घात लगाए 15 से 20 लोगों ने उसे घेर लिया और खंभे में बांधकर उसकी पिटाई करने लगे। इसी बीच किसी ने फोन से इसकी सूचना उसके परिजनों को दी। महावती देवी बाजार करने के लिए मधुबन गयी थी। जानकारी मिलने पर वह अकेले ही बेटे को बचाने पहुंच गईं। वे बेटे को बचाने गईं लेकिन हमलावर उसपर ही टूट पड़े। रॉड, लाठी-डंडा बैट, मुक्का से उसे पीटने लगे।

सत्यनारायण के मुताबिक भीड़ तब तक उसकी मां की पिटाई करती रही जब तक उसकी मौत नहीं हुई। उसने बताया कि वह खंभे से बंधा सब देखता रहा। सभी से विनती करता रहा, लेकिन सभी तबतक लाठी-डंडा व लात-घूसे बरसाए, जबतक की मां के शरीर में प्राण रहा। सत्यनारायण ने बताया कि जबतक परिवार के अन्य लोग व ग्रामीण पहुंचे, मां की मौत हो गयी थी। उसने बताया कि ग्रामीणों को देखकर सभी हमलावर फरार हो गए। उसने कहा कि अगर ग्रामीण कुछ देर से पहुंचते तो मेरी भी जान जा सकती थी।

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सत्यनारायण ने बताया कि 13 मई को बनगांव गोट से घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर अवस्थित बड़वाटोला में बारात आई थी। जिसमें किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। उसने कहा कि हमलावरों का आरोप था कि विवाद के दौरान वह भी वहां मौजूद था। सत्यनारायण ने बताया कि मुख्य सड़क पर लोग मारपीट करते रहे, लेकिन कोई बचाने तक नहीं आया।

घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने घटनास्थल के समीप ही बाजपट्टी-सीतामढ़ी मुख्य पथ को जाम कर दिया। लोग डीएम-एसपी को बुलाने की मांग कर रहे थे। वही पुलिस के रवैया व लेट से पहुंचने को लेकर भी लोगो मे शिकायत थी। जाम छुड़ाने के लिए पुलिस को आक्रोश का सामना करना पड़ा। बाद में सीओ भोगेंद्र यादव, सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात रंजन, मुखिया प्रतिनिधि सतीश कुमार, कुंदन कुमार, संजय सिंह बब्बू आदि के प्रयास के बाद करीब तीन घंटे बाद जाम समाप्त हुआ। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही।

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सीतामढ़ी के एसपी हर किशोर राय ने कहा, ‘पुपरी डीएसपी को सूचना मिलने के साथ ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की है। डीएसपी स्वयं भी घटनास्थल पर हैं। घटना की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं है। मामले की जांच हो रही है। परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना में शामिल आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।