बोरवेल के लिए खोदे गए गड्ढे में फंसे राहुल को बचाने की कार्य पिछले 41 घंटे से जारी है। 10 साल का बच्चा करीब 43 घंटे से 50 फीट गहरे गड्ढे में फंसा हुआ है। उसे बचाने के लिए गुजरात से रोबोटिक्स इंजीनियर महेश अहीर मौके पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले स्थिति का जायजा लेने के लिए बोरवेल के अंदर रोबोट को उतारा जाएगा। वह बाहर आएगा, उसके हिसाब से बच्चे को बाहर निकालने के लिए आवश्यक तैयारी करेेंगे। अगर सब कुछ ठीक रहेगा तो बच्चे को आधे घंटे में बाहर निकाल लेंगे।
वहीं दीवारों से रिस रहा पानी बोरवेल के अंदर भर गया है। उसे बर्तन की मदद से निकालने का काम जारी है। मौके पर NDRF सदस्य बी.अनिल ने राहुल तक रस्सी से खाने की सामग्री पहुंचाई जा रही है। राहुल को केला दिया गया, जिसे उसने खाया है। फिलहाल आसपास के एरिया को लोहे की रॉड लगाकर सील कर दिया गया है। रोबोटिक्स इंजीनियर महेश अहीर अपने लैपटॉप से रोबोट को कंट्रोल कर नीचे उतारा, लेकिन उसे फिर बाहर निकाल लिया गया। बताया जा रहा है कि कुछ तकनीकी दिक्कत हो गई थी। रोबोट को टेक्निकल रूप से कनेक्ट किया जा रहा है।
इससे पहले NDRF ने बोरवेल के ठीक बगल में 60 फीट से ज्यादा की खुदाई की है। अब 5 फीट की खुदाई के बाद टनल बनाने का काम शुरू किया जाना था। हालांकि इस खुदाई में एक चट्टान बड़ी बाधा बन गई है। इसके कारण टनल बनाने में देरी हो रही है। मौके पर मौजूद मशीनरी पूरी नहीं पड़ रही है। इसे देखते हुए बड़े रॉक ब्रेकर मंगाए गए हैं। गड्ढे में फंसे बच्चे को नुकसान न हो, इसके लिए खुदाई का काम मैन्युअली किया जा रहा है। स्थिति ठीक होने पर JCB की मदद ली जाएगी। इसके कारण समय लग रहा है। टनल बनाकर उसमें सीमेंट के स्लैब डाले जाएंगे।
बताया जा रहा है कि बोरवेल के लिए खोदे गए गड्ढे का मुंह जरूर छोटा है, लेकिन अंदर से वह चौड़ा हो गया है। वहीं नीचे पत्थर भी लगे हैं। इसके कारण राहुल उसमें अटका हुआ है। संभवत: उसे काफी चोटें भी आई होंगी। इसके बाद भी उसने हिम्मत बांधी हुई है। NDRF की टीम अभी तक उस गड्ढे के बगल में 60 फीट की खुदाई और कर चुकी है। इसमें 3 JCB को नीचे उतारा गया है। देर रात से सुबह तक 10 फीट गड्ढे को और चौड़ा किया गया है।