छत्तीसगढ़ के वेदांता पावर प्लांट सक्ती में दर्दनाक हादसा, बॉयलर विस्फोट से दर्जनभर से अधिक मजदूरों की मौत, 40 मजदूर गंभीर

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट जिले के सिंघीतराई स्थित Vedanta Limited के पावर प्लांट में मंगलवार को एक भीषण हादसा हो गया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार प्लांट के बॉयलर में अचानक विस्फोट हो गया, जिसके बाद आग और धुएं का गुबार फैल गया और मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। घटना में दर्जनभर से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है | जबकि करीब 30 से 40 मजदूरों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

बताया जा रहा है कि हादसे के समय प्लांट परिसर में बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के श्रमिक घबरा गए और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस हादसे में करीब 30 से 40 मजदूरों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

सूत्रों के अनुसार कुछ मजदूरों की मौत की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। घटना के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट के बाद प्लांट परिसर में भगदड़ मच गई थी। कई मजदूर झुलस गए हैं, जबकि कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। राहत टीम द्वारा घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने घटनास्थल को घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी टीम को भी लगाया गया है। प्रारंभिक तौर पर बॉयलर फटने को हादसे की वजह माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

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इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

 

इस दर्दनाक हादसे के बीच एक जीवित बचे मजदूर ने सामने आकर उस खौफनाक मंजर की पूरी कहानी बयां की है। मजदूर ने बताया कि धमाके के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, चारों तरफ आग और धुआं फैल गया, और हर ओर चीख-पुकार सुनाई दे रही थी।

 

ओपी जिंदल फोर्टिस में घायल मजदूरों के साथ आए हादसे में बचे मजदूर अजीत दास कर, पश्चिम बंगाल निवासी ने पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हम लोग यहां करीब एक महीने से काम कर रहे थे। वेदांता प्लांट में हमारा काम पेंटिंग का था। आज दोपहर करीब 2:30 बजे हम लोग लंच करके काम पर लौटे ही थे कि अचानक जोरदार धमाका हुआ। ऐसा लगा जैसे कोई मिसाइल गिर गई हो। चारों तरफ धुआं ही धुआं फैल गया।

अजीत ने आगे बताया कि हम लोग करीब 17 मीटर की ऊंचाई पर काम कर रहे थे। धमाका होते ही मैं साइड में था और खुद को बचाने के लिए एक अलमारी के अंदर छिप गया। लेकिन मेरे साथ काम कर रहे कई मजदूर नीचे और जो कुछ लोग नीचे थे वो आग की चपेट में आ गए। उन्होंने कहा बताया कि जहां हादसा हुआ, वहां ऊपर और नीचे दोनों जगह मजदूर काम कर रहे थे। कुछ लोग नीचे करीब 9 मीटर की ऊंचाई पर थे। वो लोग बुरी तरह झुलस गए। हालात इतने भयावह थे कि नीचे मौजूद कई मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई।

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मजदूर के अनुसार, घटना के समय बॉयलर 1 में करीब 40 से 50 मजदूर पेंटिंग का काम कर रहे थे। शुरुआत में हमें बताया गया कि 5 लोगों की मौत हुई है, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़ती गई। असल में कितने लोग प्रभावित हुए, इसका सही आंकड़ा बाद में ही सामने आएगा। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के बाद वेदांता प्रबंधन की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था की गई, जिससे घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में प्रभावित होने वाले ज्यादातर मजदूर पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, रायगढ़ के ओपी फोर्टिस जिंदल अस्पताल में इलाज के दौरान 3 और मजदूरों की मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या 13 पहुंच गई है। अब तक 26 से अधिक घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में बिजली संयंत्र में हुई दुर्घटना बेहद दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता में लगा हुआ है। पीएमएनआरएफ की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये सहायता राशि दी जाएगी।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वेदांता पावर प्लांट में हुई दुर्घटना अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक है। इस हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति उन्होंने गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घोषणा की कि मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की सहायता राशि तथा घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत और संबल मिल सके। सभी घायलों के समुचित एवं निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने बिलासपुर के कमिश्नर को घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार पूरे मामले पर सतत निगरानी रखे हुए है और प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है।

 

 

छत्तीसगढ़ में बड़ा हादसा: वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट, 9 मजदूरों की दर्दनाक मौत, 30 घायल

 

 

मुख्यमंत्री साय ने सक्ती में वेदांता पावर प्लांट हादसे पर जताया गहरा शोक, जांच के दिए निर्देश