आस्था और विश्वास का महाकुंभ है गिरौदपुरी मेला

JJohar36garh News|छत्तीसगढ़ का गिरौदपुरी मेला ब्यवसायिक, मनोरंजन या पर्यटन का मात्र स्थल नहीं है बल्कि बाबा गुरु घासीदास के प्रति आस्था और विश्वास का महाकुंभ है, मेला में देश-विदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा की महिमा को देखने पहुंचते हैं| बाबा के प्रति आस्था और विश्वास रखने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में कई किलो मीटर तक जमीन नापते हुए जाते हैं बाबा के दरबार पहुंचते है| श्रद्धालु मन की शांति के लिए चिलमिलाती धुप और तपती हुए सड़क की परवाह किए बिना हँसते हुए कई किलो मीटर की दूरी जमीन पर लैट कर बाबा के दरबार तक पहुँचते है|  ज़मीन नापने वालों की संख्या का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है की गिरौदपूरी मंदिर जाने के मुख्य द्वार से लेकर मुख्य मंदिर तक एक तरफ की सड़क को आरक्षित कर दी जाती है| इसके बाद भी श्रद्धालुओं को अपनी बारी का इंतज़ार करना पड़ता है| Johar36garh News की टीम ने इस साल आयोजित मेला के आखिरी दिन पहुंची और जमीन नापते हुए श्रद्धालुओं से बात की| इसमें एक श्रद्धालु ऐसा भी मिला जो जब भी गिरौदपुरी आता है तो मंदिर तक ज़मीन नापते हुए ही पहुँचता है कारण केवल मन की शांति के लिए|

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आपको बता दे की गुरु घासीदास जी ने इस भूमि पर कठोर तप-तपस्या करते हुए ज्ञान की प्राप्ति की थी और सत्य को मानव का आभूषण बताया था| श्रद्धालु उसी तप-तपस्या को थोड़ा महसूस करने की कोशिश में धुप, गर्मी और जलती हुए सड़क को हँसते पार कर जाते है| मेला का आकर्षण के केंद्र ही ज़मीन नापना रहता है | इस वर्ष 18, 19 और 20 मार्च को यह मेला आयोजित किया गया था|