खनऊ में किफायती आवास योजना: एलडीए बनाएगा 3000 से अधिक सस्ते फ्लैट

लखनऊ

 राजधानी लखनऊ में किफायती आवास की बढ़ती मांग को देखते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण ने मध्यम और अल्प आय वर्ग के लिए बड़ी योजना तैयार की है। इसके तहत शहर के पांच प्रमुख स्थानों पर एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 3000 से अधिक फ्लैट बनाए जाएंगे। अधिकारियों ने इन सभी स्थानों का निरीक्षण कर जमीन को अंतिम रूप दे दिया है। अब परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इन मकानों की शुरुआती कीमत 8 लाख रुपये होगी। 30 लाख रुपये की कीमत तक के फ्लैट बनाए जाएंगे। इससे मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

आवासीय संकट से मिलेगी राहत: शहर में लगातार बढ़ती आबादी और महंगे रियल एस्टेट के कारण मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए घर खरीदना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में एलडीए की यह आवासीय योजना लोगों की पहुंच में होगी। खास बात यह है कि परियोजना को ऐसी लोकेशन पर विकसित किया जा रहा है जहां बुनियादी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं या आसानी से विकसित की जा सकती हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण की इस योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को राहत देना है जो सीमित आय के चलते महंगे फ्लैट खरीदने में सक्षम नहीं हैं।

See also  राजस्थान-झुंझुनू में पूर्व मंत्री गुढ़ा की अधिकारियों से दादागिरी, 'उखाड़ ले मेरा जो उखाड़ेगा…समझे'

इन पांच स्थानों पर बनेंगे आवास
1-अनंत नगर योजना, मोहन रोड में मध्यम वर्ग के लिए आवासीय फ्लैट बनाए जाएंगे। स्थल चयन पूरा हो चुका है और निर्माण के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।

2-सीतापुर रोड शिया डिग्री कॉलेज के सामने खाली पड़ी जमीन पर भी मध्यम वर्ग के लिए फ्लैट बनाने की मंजूरी मिली।

3-वसंत कुंज योजना, सेक्टर-एच यहां भी मध्यम आय वर्ग के लिए बहुमंजिला फ्लैट बनेंगे।

4-शारदा नगर विस्तार में एलआईजी और ईडब्ल्यूएस दोनों श्रेणियों के लिए मकान बनाए जाएंगे, जिससे कमजोर वर्ग के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

5-ऐशबाग में मदरसे के पीछे की जमीन पर भी मध्यम वर्ग के लिए एलआईजी फ्लैट बनेंगे। एलडीए इसे पहली ही मंजूरी दे चुका है।

तीन योजनाओं में उपकेंद्र
शहर के विस्तार के साथ एलडीए ने बिजली ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण अपनी तीन प्रमुख योजनाओं आईटी सिटी, वरुण विहार और नैमिष नगर में बड़े बिजली उपकेंद्र (सब स्टेशन) बनाने जा रहा है। इनमें सबसे बड़ा उपकेंद्र आईटी सिटी में स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए 53 एकड़ जमीन चिन्हित की जा चुकी है।

See also  चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई: 27 BLO और 9 सुपरवाइजरों के खिलाफ FIR दर्ज

ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ने जमीन को दी मंजूरी: एलडीए के प्रस्ताव पर उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड की मंडलीय भूमि चयन समिति ने 3 अप्रैल 2026 को आईटी सिटी क्षेत्र का निरीक्षण किया। जांच के बाद जमीन को उपयुक्त माना। अब एलडीए जल्द ही यह भूमि कॉरपोरेशन को हस्तांतरित करेगा, ताकि निर्माण शुरू हो सके।

नैमिष नगर व वरुण विहार भी योजना में: नैमिष नगर में भी 9 अप्रैल 2026 को स्थलीय निरीक्षण किया गया, जहां चयन समिति ने जमीन को उपयुक्त पाया। यहां भी जल्द जमीन ट्रांसफर की जाएगी। तीसरा उपकेंद्र आगरा रोड स्थित वरुण विहार योजना में प्रस्तावित है, जो बिजली आपूर्ति को मजबूत करेगा।

बिजली व्यवस्था में आएगा बड़ा सुधार
एलडीए के अनुसार, इन मेगा उपकेंद्रों के बनने से क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता व गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा। बढ़ती आबादी और औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन्हें अगले 50 वर्ष के लोड को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जिससे शहर और ग्रामीण क्षेत्र दोनों को समान रूप से लाभ मिल सके।

See also  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शब्दों में: नरेंद्र मोदी — एक सच्चे साधक और कर्मयोगी

पहली बार इन योजना के प्रभावित गांवों को भी फायदा
इस बार की योजना में खास बदलाव है। पहले एलडीए की कॉलोनियों में 24 घंटे बिजली मिलती थी, जबकि आसपास के गांवों को अलग लाइन से सीमित सप्लाई मिलती थी। पर अब बनने वाले उपकेंद्रों से न सिर्फ प्राधिकरण की कॉलोनियों बल्कि उन गांवों को भी सीधे बिजली मिलेगी, जिनकी जमीन अधिग्रहित कर योजनाएं विकसित की जा रही हैं।

उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण किया गया है। कुछ जगहों पर जमीन को अंतिम रूप दे दिया गया है। अब डीपीआर तैयार होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जल्द ही निर्माण शुरू होगा। एलडीए हजारों परिवारों का सस्ते व अपने घर का सपना साकार करेगा।