आखिर ये डिहाइड्रेशन की समस्या क्या है और क्या हैं इसके लक्षण और बचाव के उपाय

JJohar36garh News|गर्मियों में अक्सर आपने लोगों को डिहाइड्रेशन की शिकायत करते हुए सुना होगा। डिहाइड्रेशन होने पर लोग स्ट्रेस महसूस करने लगते हैं। जिससे बचने के लिए डॉक्टर्स भी खूब पानी पीने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या आप वाकई जानते हैं आखिर ये डिहाइड्रेशन की समस्या क्या है और क्या हैं इसके लक्षण और बचाव के उपाय।  

क्या होता है डिहाइड्रेशन (What is Dehydration)-
डिहाइड्रेशन को निर्जलीकरण के नाम से भी जाना जाता है। डिहाइड्रेशन यानि शरीर में पानी की कमी होना। दरअसल, शरीर से पसीना अधिक निकलने पर शरीर के तापमान को संतुलित करने के लिए ज्यादा पानी की जरूरत पड़ती है। यदि इस दौरान व्यक्ति पानी का सेवन कम मात्रा में करता है, तो उसे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। शरीर में पानी की कमी होने से मिनरल्स जैसे नमक और शुगर लेवल कम हो जाती है।

डिहाइड्रेशन के लक्षण (symptoms of Dehydration)-
-काफी देर तक पेशाब ना लगना
-पेशाब पीले रंग का होना
-चक्कर आना
-तेज सिरदर्द
-ड्राई स्किन
-घबराहट महसूस करना
-कब्ज की शिकायत
-मुंह का सूखना
-सुस्ती और थकान
-कमजोरी महसूस करना

See also  कब्ज और पेट दर्द में राहत देती हैं रसोई में रखी ये चीजें

खुद को हाइड्रेट रखने के लिए टिप्स-  

लक्ष्य निर्धारित करें- अपने रूटीन में पानी पीने के लिए रिमाइंडर सेट कर लें कि आपको कब पानी पीना है। इसके लिए आप ऑनलाइन ऐप की भी मदद ले सकते हैं।  

साथ रखें पानी का बोतल- काम करने के दौरान या फिर एक्सरसाइज करते हुए पानी का बोतल अपने साथ रखें। कई बार ऐसा होता है जब हमें प्यास लगती है, लेकिन बोतल पास नहीं होने की वजह से हम पानी पीना भूल जाते हैं। ऐसे में बोतल को साथ रखें, और थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी पीते रहें।

पानी को अलग-अलग फ्लेवर दें- गर्मी के मौसम में अगर आपसे पानी अधिक नहीं पिया जा रहा तो पानी को फ्लेवर दें। जैसे नींबू पानी, संतरा या फिर आवंला डालकर का जूस डालकर पी सकते हैं। इस तरह आप स्वाद-स्वाद में अधिक पानी पी लेंगे और आपको पता भी नहीं चलेगा।

-डिहाइड्रेशन होने पर एक गिलास पानी में एक चुटकी नमक डालकर पीएं इससे भी आपको लाभ मिलेगा।

See also  Xiaomi ने Redmi Pad Pro टैबलेट के 5G वर्जन जल्द ही मिलेगा

-शरीर में पानी की कमी की भरपाई करने के लिए दही या छाछ का सेवन करें।

नोट : डिहाइड्रेशन होने पर डॉक्टर की सलाह अवश्य ले, यह केवल प्रारंभिक दौर के लिए लाभदायक हो सकता है |