कृषि मंत्री शिवराज ने सड़क पर तड़पते युवक को देखा, काफिला रुकवाकर खुद अस्पताल पहुंचाया

 भोपाल
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक फिर मिशाल पेश की है. जिसकी लोग तारीफ कर रहे हैं. हुआ ये कि वह भोपाल से ग्वालियर जा रहे थे, इस दौरान एक युवक सड़क पर घायल पड़ा था, जबकि उसे भीड़ ने घेरकर रखा था. इस दौरान जब शिवराज सिंह की नजर पड़ी तो उन्होंने अपना काफिला रुकवा दिया और खुद अपनी गाड़ी से युवक को अस्पताल पहुंचवाया. इसको लेकर उन्होंने खुद एक्स पर एक पोस्ट किया है.

एक्स पर किए पोस्ट में उन्होंने लिखा कि मैं भोपाल से ग्वालियर की ओर एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था. रास्ते में सड़क किनारे एक घायल युवक अचेत अवस्था में दिखाई दिया. चारों ओर भीड़ थी, लोग खड़े थे, देख रहे थे. पर कोई आगे नहीं बढ़ रहा था. मैंने तुरंत गाड़ी रुकवाई. घायल युवक के पास पहुंचा और अपनी गाड़ी में तत्काल अस्पताल पहुंचाया. साथ ही डॉक्टर से बातचीत कर समुचित उपचार की व्यवस्था की.

See also  वन परिक्षेत्र बैढ़न में सांसद विधायक ने एक पेड़ मॉ के नाम अभियान के तहत किया पौधा रोपण

 श्यामला हिल्स के पास रुका काफिला
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री का काफिला श्यामला हिल्स क्षेत्र से गुजर रहा था. किलोल पार्क के पास सड़क किनारे एक व्यक्ति घायल अवस्था में दिखाई दिया. यह देखते ही शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल काफिला रुकवाया और स्वयं वाहन से उतरकर घायल के पास पहुंचे. उन्होंने आसपास मौजूद लोगों से तुरंत अस्पताल ले जाने को कहा. इतना ही नहीं, मंत्री ने घायल युवक को खुद सहारा देकर उठाया और अपने ही काफिले की गाड़ी से अस्पताल भिजवाया. जाते समय उन्होंने घायल से कहा कि तुम अस्पताल जाओ, हम फोन करवा रहे हैं.

एक्स पर लिखा, नर सेवा ही नारायण सेवा
इस घटना के बाद शिवराज सिंह चौहान ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, ''नर सेवा ही नारायण सेवा.'' उन्होंने कहा कि, ''मानवीय संवेदना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है. ग्वालियर के लिए रवाना होते समय रास्ते में घायल युवक को देखकर उन्होंने तत्काल मदद सुनिश्चित की.'' 

 वीडियो वायरल , सोशल मीडिया पर सराहना
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. समर्थकों और आम नागरिकों ने केंद्रीय मंत्री की संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना की. कई लोगों ने इसे जनप्रतिनिधि के कर्तव्य और मानवीय मूल्यों का उदाहरण बताया. बताया जा रहा है कि मंत्री अपने आवास से एयरपोर्ट जा रहे थे, तभी उनके सामने यह घटना दिखी. जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ने प्रोटोकॉल से ऊपर उठकर घायल को मदद पहुंचाई.

See also  ब्लू लाइन मेट्रो के लिए 1200 मकान-दुकान टूटने वाले, 1 सप्ताह में नोटिस मिलेगा

पहले भी दिखा चुके हैं संवेदनशीलता
यह पहला मौका नहीं है जब शिवराज सिंह चौहान ने इस तरह मानवीय पहल की हो. जुलाई 2025 में भी भोपाल के अवधपुरी इलाके में एक कार्यक्रम में जाते समय चेतक ब्रिज पर हादसे में घायल युवक की उन्होंने मदद की थी. उस समय भी उन्होंने काफिला रुकवाकर घायल को अस्पताल पहुंचाया और उपचार की व्यवस्था कराई थी. 

शिवराज ने लोगों से की ये अपील

हमने अक्सर देखा है कि इस तरह की घटनाओं में हम मदद के लिए हाथ बढ़ाने की बजाय तमाशबीन बनकर देखते रहते हैं, जिससे कीमती समय व्यर्थ हो जाता है और घायल व्यक्ति का जीवन खतरे में पड़ जाता है. एक अध्ययन के अनुसार हर वर्ष लगभग डेढ़ लाख से अधिक लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं. विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि घायल को ‘गोल्डन ऑवर’ में उपचार मिल जाए, तो लगभग 50% जीवन बचाए जा सकते हैं.

See also  भोपाल में फर्जी मूल निवासी सर्टिफिकेट से बना डॉक्टर, कोर्ट ने सुनाई 3 साल की सजा

सोचिए, हमारी छोटी सी मदद और समय पर बढ़ाया गया एक हाथ कितनी माताओं की गोद सूनी होने से बचा सकता है. कितने बच्चों के सिर से पिता का साया हटने से रोक सकता है और कितनी बहनों के विश्वास को टूटने से बचा सकता है. मित्रों, किसी का जीवन बचाना सबसे बड़ा पुण्य है. सेवा ही सच्चा धर्म है और परोपकार ही हमारा कर्तव्य है. जब भी ऐसी स्थिति सामने आए तो आगे बढ़िए और मदद कीजिए. आपकी एक मदद किसी का जीवन बचा सकती है.