अमरावती कांड, 180 लड़कियां, 350 वीडियो – मोबाइल डाउनलोडिंग के पीछे का सच

अमरावती 
महाराष्ट्र के अमरावती में एक ऐसे युवक को गिरफ़्तार किया गया है, जिस पर कम से कम 180 नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करने और 350 से ज़्यादा अश्लील वीडियो बनाने का आरोप है। पुलिस ने एक BJP सांसद की शिकायत के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए यह गिरफ़्तारी की। युवक की उम्र महज 19 साल है। उसका नाम मोहम्मद अयान अहमद उर्फ तनवीर अहमद है। उसे 21 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस ने बताया कि परतवाड़ा शहर के रहने वाले मोहम्मद अयाज़, उर्फ़ तनवीर पर आरोप है कि उसने लड़कियों को लव ट्रैप में फंसाया। लड़कियों को मुंबई और पुणे ले गया और उनके अश्लील वीडियो बनाए।

जबरदस्ती यौन शोषण, फिर ब्लैकमेलिंग
नागपुर से 180 किलोमीटर दूर, पास के शहर परतवाड़ा और अचलपुर इस स्कैंडल से हिल गए। जो 180 वीडियो बरामद हुए हैं उनमें वह नाबालिग लड़कियों से ज़बरदस्ती करते हुए दिखाई दे रहा है। आरोप है कि अयान अहमद इन वीडियो का इस्तेमाल लड़कियों को ब्लैकमेल करने और उन्हें वेश्यावृत्ति में धकेलने के लिए किया गया। इनमें से कुछ वीडियो ऑनलाइन भी बड़े पैमाने पर शेयर किए गए।

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अयान के साथ कोई और भी शामिल?
आरोपी अयान अहमद तनवीर अहमद पर आरोप है कि उसने लड़कियों को रिश्तों में फंसाया, फिर उनकी मर्ज़ी के बिना वीडियो बनाते हुए उनके साथ शारीरिक और यौन शोषण किया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कुछ वीडियो में आरोपी खुद भी दिखाई दे रहा है। वीडियो को देखकर शक है कि किसी दूसरे साथी ने भी इस यौन शोषण का वीडियो बनाने में उसकी मदद की होगी।

राज्यसभा सांसद ने किया हंगामा
सोमवार को तब हंगामा मच गया जब राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे और BJP के प्रदेश प्रवक्ता शिवराय कुलकर्णी ने अमरावती ग्रामीण SP विशाल आनंद से शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी ने सोशल मीडिया के ज़रिए कई लड़कियों को फंसाया और उनके साथ यौन शोषण किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वे ज़ोरदार आंदोलन करेंगे।

आंदोलन की धमकी
राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे ने पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विशाल आनंद को एक ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि नाबालिगों को WhatsApp और Snapchat ग्रुप्स के ज़रिए सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया। अगर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन नहीं किया गया, तो वे बुधवार सुबह वह अपने समर्थकों के साथ SP के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे। आरोपी अब पुलिस हिरासत में है, और उससे ज़्यादा जानकारी हासिल करने के लिए उसके फ़ोन की जांच की जा रही है। साथ ही, साइबर सेल ने सोशल मीडिया से वीडियो हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

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पुलिस उन लोगों की पोस्ट पर नजर रख रही है जिन्होंने ये वीडियो डाउनलोड किए हैं और उन्हें दोबारा शेयर कर रहे हैं। इधर सामाजिक बदनामी के डर से अब तक किसी भी पीड़ित या उसके परिवार के सदस्य ने कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। मैं पीड़ितों के परिवारों से आगे आने की अपील करता हूं और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी। इसके अलावा, राज्य सरकार उनकी कानूनी और काउंसलिंग सेवाओं का भी ध्यान रखेगी।

सीएम देवेंद्र फडणवीस की नजर में मामला
अमरावती के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है। बावनकुले ने कहा कि मैंने DGP से बात की है, क्योंकि यह एक बहुत बड़ा मुद्दा है। इस मामले के कई पहलू हैं, जिनका ज़िक्र अभी मीडिया में नहीं किया जा सकता। हम जांच करेंगे और आरोपी के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करेंगे।

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मोहम्मद अयाज़ कथित तौर पर पहले AIMIM में एक पदाधिकारी के तौर पर काम कर चुका है। उसके सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो और तस्वीरों में, वह MIM के अमरावती अध्यक्ष, हाजी इरफान खान से एक पत्र लेते हुए और पार्टी की रैलियों में सोशल मीडिया ‘रील्स’ बनाते हुए दिखाई देता है। हालांकि, मामला सामने आने के बाद उसके इंस्टाग्राम अकाउंट से ऐसे कई वीडियो हटा दिए गए हैं।