Bastar News: अंतिम चरण में गोंचा महापर्व की तैयारियां, उत्सव को लेकर बढ़ा उत्साह

बस्तर.

बस्तर में ऐतिहासिक गोंचा महापर्व की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंचने लगी हैं. सदियों पुरानी परंपरा को सहेजे यह महापर्व एक बार फिर पूरे क्षेत्र को उत्सव के रंग में रंगने जा रहा है. चंदन यात्रा की रस्म के साथ पर्व का विधिवत शुभारंभ हो चुका है.

सिरहासार भवन परिसर में करीब 32 फीट ऊंचे विशाल रथ का निर्माण तेजी से किया जा रहा है. रथ के चारों पहिए तैयार हो चुके हैं और कारीगर अंतिम स्वरूप देने में जुटे हैं. श्री जगन्नाथ मंदिर और सिरहासार भवन में रंग-रोगन व सजावट का कार्य जारी है. 15 जुलाई को भगवान जगन्नाथ का नेत्रोत्सव मनाया जाएगा. 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा रथ यात्रा के साथ सिरहासार भवन पहुंचेंगे..इसके बाद नौ दिनों तक श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे. लगभग 619 वर्षों से मनाया जा रहा यह पर्व बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा माना जाता है. रियासतकाल से चली आ रही इस परंपरा का आज भी वैभव बरकरार है. प्रदेश सहित देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इस आयोजन के साक्षी बनते हैं. गोंचा पर्व एक बार फिर बस्तर की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक समृद्धि को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगा.

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रथयात्रा के लिए श्रद्धालुओं को रेलवे का तोहफा
बस्तर.
पुरी रथयात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने विशेष व्यवस्था की है. जगदलपुर और पुरी के बीच विशेष ट्रेन सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया है. यह सुविधा रथयात्रा के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उपलब्ध कराई जा रही है. 15 और 23 जुलाई को विशेष ट्रेन जगदलपुर से पुरी के लिए रवाना होगी. वहीं 16 और 24 जुलाई को वापसी में पुरी से जगदलपुर के लिए संचालित की जाएगी. ट्रेन कोरापुट, रायगढ़ा, विजयनगरम, श्रीकाकुलम रोड, ब्रह्मपुर और खुर्दा रोड सहित प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी. कुल 12 कोच वाली इस ट्रेन में जनरल और स्लीपर दोनों वर्ग की सुविधा उपलब्ध रहेगी. दिव्यांग यात्रियों के लिए भी विशेष प्रावधान रखा गया है. रेलवे का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है. हर वर्ष बड़ी संख्या में बस्तर से श्रद्धालु पुरी रथयात्रा में शामिल होने जाते हैं. ऐसे में यह विशेष ट्रेन धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगी. यात्रियों से यात्रा से पहले आरक्षण और समय सारिणी की जानकारी लेने की अपील की गई है. रेल सुविधा से इस बार रथयात्रा का सफर और अधिक सहज होने की उम्मीद है.

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