छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में दिल दहला देने वाली घटना घटी है। जहां एक माता-पिता ने अपने ही 16 साल के बेटे को बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद माता-पिता ने बेटे की लाश ठिकाने लगाने के लिए पहले शव को बोरे में भरा और सड़क किनारे फेंक आए। इसके बाद एक फिल्मी कहानी गढ़ी और मर्डर को एक्सीडेंट का रूप दे दिया। लेकिन पुलिस वाले घर पहुंचे तो उन्हें खून के दाग दिए। इसके बाद उनसे सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने जुर्म कबूल कर सारी कहानी बयां कर दी।
दरअसल, लोगों ने जब शव को सड़क किनारे पड़ा देखा तो मौके पर भीड़ जमा हो गई। इसके बाद मृतक लड़के भी माता-पिता वहां और शव को घर ले आए। फिर रिश्तेदार और आसपास के लोगों को बताया कि बेटी की मौत सड़क हादसे में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची तो पुलिस को भी एक्सीडेंट में बताया गया। जांच में मृतक की शिनाख्त 16 साल के टेकमणी पैंकरा के तौर पर हुई।
मृतक बच्चे के माता-पिता लगातार अपने बयान बदल रहे थे। पुलिस को दोनों पर शक हो गया। इसी बीच पोस्टमार्टम कराया तो रिपोर्ट में हादसे जैसे बात नहीं मिली। जब हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उन्होंने खुद बताया कि हां हमने खुद अपने 16 साल के बेटी लाठी-डंडे से पीट-पीटकर हत्या की है। पुलिस का डर और समाज की बदनामी के डर से हत्या को दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया।
मृतक लड़के के पिता ने रोते हुए अपनी बेबसी की कहानी पुलिस को सुनाई। उन्होंने बताया कि उनका बेटा 11वीं क्लास में पढ़ता था। जो घर से दूर हॉस्टल में रहता था। वो डेढ़ माह पहले होस्टल से घर आया था। उसका व्यवहार पूरी तरह बदल चुका था। रोजाना किसी न किसी बात पर विवाद करता रहता था। कितना ही उसे डांटो या पीटो वह जिद पर अड़ा रहता। जिस दिन उसकी हत्या की गई उस दिन भी वो अपनी मां से झगड़ रहा था। मां ने पढ़ाई के लिए बेटे को डांटा था। मगर उसने झगड़ा करना शुरू कर दिया। बस गुस्से में माता-पिता ने मिलकर डंडे से उसकी जमकर पिटाई कर दी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वहीं मामले की जांच कर रहे एसडीओपी दीवक मिश्रा ने बताया कि मृतक बच्चे के माता-पिता को गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में भेज दिया है।