IMF का बड़ा भरोसा: युद्ध और तेल संकट के बीच भारत की ग्रोथ बढ़ी, निवेशकों में उत्साह

नई दिल्ली.

वैश्विक तनाव और ईरान-अमेरिका युद्ध जैसे हालात के बीच भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय संस्था IMF (International Monetary Fund) ने भारत की ग्रोथ को लेकर अपना अनुमान बढ़ा दिया है, जो यह संकेत देता है कि देश की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है। खास बात यह है कि जहां एक तरफ वेस्ट एशिया (West Asia) में चल रहे संघर्ष के कारण दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव है, वहीं भारत इस माहौल में भी बेहतर प्रदर्शन करता नजर आ रहा है। आइए इस रिपोर्ट को जरा विस्तार से समझते हैं।

IMF (International Monetary Fund) के अनुसार, भारत की GDP ग्रोथ FY26 में 7.6% रहने का अनुमान है, जो पहले के अनुमान से 1% ज्यादा है। यह बढ़ोतरी इसलिए भी खास है, क्योंकि यह दिखाती है कि भारत की अर्थव्यवस्था उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर रही है। वहीं IMF (International Monetary Fund) ने FY27 और FY28 के लिए ग्रोथ अनुमान 6.5% रखा है, जो स्थिर और संतुलित विकास की ओर इशारा करता है।

See also  आवारा कुत्ते पर चलाई गोली, जा लगी बेटी पर, हुई मौत, माँ सदमे में 

इस सुधार के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण भारत की मजबूत घरेलू मांग और पिछले साल का बेहतर आर्थिक प्रदर्शन है, जिसका असर आगे भी दिख रहा है। इसके अलावा अमेरिका द्वारा भारतीय सामान पर टैरिफ में कटौती से भी निर्यात को राहत मिली है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को सपोर्ट मिला है।

महंगाई यानी (Inflation) के मोर्चे पर भी अच्छी खबर है। IMF (International Monetary Fund) का अनुमान है कि FY27 में महंगाई 4.7% और FY28 में 4% तक आ सकती है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में आम लोगों पर महंगाई का दबाव धीरे-धीरे कम हो सकता है।

हालांकि, वैश्विक स्तर पर स्थिति इतनी मजबूत नहीं दिख रही है। IMF (International Monetary Fund) ने दुनिया की कुल ग्रोथ का अनुमान घटा दिया है। वैश्विक ग्रोथ 2026 में 3.1% और 2027 में 3.2% रहने का अनुमान है, जो पिछले औसत से कम है। इसका मुख्य कारण बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, महंगे कमोडिटी दाम और वैश्विक व्यापार में गिरावट है।

See also  पाकिस्तान की 80 फीसदी आवाम गे, बाकी 20% बायसेक्सुअल; एक्टिविस्ट हिना बलूच ने खोले गहरे राज

IMF ने चेतावनी भी दी है कि अगर मध्य-पूर्व का संकट और बढ़ता है, तो तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है, जिससे भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर असर पड़ सकता है। इससे महंगाई बढ़ सकती है और आर्थिक ग्रोथ पर दबाव आ सकता है। मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। IMF का यह अपडेट न सिर्फ निवेशकों बल्कि आम लोगों के लिए भी भरोसा बढ़ाने वाला है कि आने वाले समय में भारत आर्थिक मोर्चे पर मजबूत बना रह सकता है।