पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर ब्लैकमेलिंग का मामला: CCTV से रिकॉर्ड हुए निजी वीडियो ने गांववालों को किया भयभीत

 लखनऊ 

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने यहां सफर करने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा और निजता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. एक्सप्रेसवे पर लगाए गए हाईटेक कैमरे जहां गाड़ियों की स्पीड मॉनिटर करते हैं, वहीं अब यह भी सामने आया है कि कुछ कर्मचारी इन कैमरों का दुरुपयोग कर लोगों की निजी जिंदगी में झांक रहे हैं. एक ताजा घटना में नव विवाहित कपल को वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया, वसूली की गई और बाद में उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया.

यह घटना 25 अक्टूबर की है. आजमगढ़ से लखनऊ जा रहे एक नव विवाहित कपल की कार पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 93 किलोमीटर प्वाइंट से गुजर रही थी. हलियापुर टोल के अंतर्गत बने ATMS कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारियों की नजर CCTV स्क्रीन पर इस कार पर गई. कार के अंदर पति-पत्नी रोमांस कर रहे थे. कैमरे से वीडियो बनाकर कंट्रोल रूम के कर्मियों ने पहले दीवार पर लगी स्क्रीन पर इसे रिकॉर्ड किया और फिर कपल को ब्लैकमेल करने की योजना बनाई.

कार में पति-पत्नी कर रहे थे रोमांस 

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वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद दो ATMS कर्मचारी करीब 13 किलोमीटर तक बाइक से उस कार का पीछा करते हुए पहुंचे. कार चला रहे युवक को रोककर उसे वीडियो दिखाया और वायरल करने की धमकी दी. इसके बदले में पैसे की मांग की गई. कार से बातचीत करने वाला CCTV फुटेज भी सामने आया है जिसमें कर्मचारी युवक को धमकाते नजर आ रहे हैं.

चार दिन बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस हरकत में आई. जांच शुरू हुई तो ATMS के असिस्टेंट मैनेजर आशुतोष सरकार को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में उसने चौंकाने वाला दावा किया कि बीते ढाई साल में ऐसे हजारों मामले सामने आए हैं, लेकिन वीडियो कभी वायरल नहीं हुआ इसलिए मामला खुला नहीं. इस बार वीडियो वायरल कराने में नौकरी से निकाले गए कुछ कर्मचारियों की भूमिका सामने आई है.

प्राइवेट वीडियो सोशल मीडिया हुआ था वायरल

सरकार ने करोड़ों की लागत से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया ताकि लोगों को सुरक्षित और बेहतर यात्रा मिले. एक्सप्रेसवे पर हर 10 किलोमीटर पर स्मार्ट CCTV लगाए गए जो स्पीड चेक करते हैं और आकस्मिक घटनाओं पर तुरंत सूचना देते हैं. टोल पर पुलिस, फायर विभाग और YUPIDA के वाहन भी तैनात रहते हैं. लेकिन ATMS का काम संभाल रही कंपनी SCIPL Superwave Communication and Infra Solutions Pvt Ltd के कुछ कर्मियों ने इस सिस्टम को ब्लैकमेलिंग का अड्डा बना दिया.

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हमारी टीम जब हलियापुर टोल के ATMS कंट्रोल रूम में पहुंची तो वहां अयोध्या के ब्रजेश उपाध्याय मिले. वह पिछले 15 दिनों से अपने भांजे के एक्सीडेंट का CCTV फुटेज ढूंढने के लिए यहां चक्कर लगा रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनके भांजे की गाड़ी को टक्कर किसने मारी, यह खोजने के लिए वह उसी दिन का फुटेज मांग रहे हैं लेकिन कंट्रोल रूम में वह फुटेज उपलब्ध नहीं है.

ब्लैकमेलिंग के लिए बनाया था वीडियो

यह विरोधाभास साफ दिखाता है कि जहां ब्लैकमेलिंग के लिए वीडियो आसानी से बनाया और निकाला जा रहा था, वहीं जरूरतमंद लोगों के लिए जरूरी रिकॉर्ड मिल नहीं रहा. एक ओर ATMS कर्मचारी कपल का पीछा करते हुए 13 किलोमीटर तक पहुंच जाते हैं, वहीं दूसरी ओर एक्सीडेंट जैसे गंभीर मामलों के रिकॉर्ड ढूंढे नहीं मिलते.

फिलहाल पुलिस ने कपल को ब्लैकमेल करने वाले ATMS के असिस्टेंट मैनेजर आशुतोष सरकार, कर्मचारी अभिषेक तिवारी और सिस्टम इंजीनियर प्रमोद पटेल को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि वीडियो वायरल करने वाला शशांक शेखर सिंह अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है.

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टोल के आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल

हलियापुर टोल के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में भी डर का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि यह कैमरे सुरक्षा के लिए लगाए गए थे लेकिन अब यह उनके लिए खतरा बन गए हैं. कैमरे खेतों में काम कर रही महिलाओं तक को कैद कर सकते हैं. गांव वालों का कहना है कि कैमरों की पहुंच बहुत गहरी है और यह पता नहीं कि बीते ढाई सालों में कितने वीडियो रिकॉर्ड होकर वायरल हुए होंगे.

कंपनी ने इस मामले में शामिल कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है और अब कंट्रोल रूम में काम कर रहे सभी कर्मचारियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है. पुलिस जांच जारी है और इस मामले ने एक्सप्रेसवे की सुरक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल उठा दिया है.