इंदौर एयरपोर्ट पर उतरेंगी बोइंग फ्लाइट्स! 143 एकड़ जमीन की जरूरत, ताई की चिट्ठी से प्रशासन में हलचल

इंदौर
 मध्य प्रदेश में सर्वाधिक एयर ट्रैफिक वाले इंदौर एयरपोर्ट के विस्तार की कवायद तेज होती नजर आ रही है. इसको लेकर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को चिट्ठी लिखी है. जिसके बाद से इंदौर एयरपोर्ट के विस्तार की हलचल तेज होने के आसार हैं. अगर जमीन मिल जाती है तो इंदौर में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के बोइंग सहित अन्य बड़े विमान उतर सकते हैं। 

इंदौर एयरपोर्ट को143 एकड़ जमीन की जरूरत
दरअसल, लंबे समय से इंदौर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए करीब 143 एकड़ जमीन की जरूरत है. जहां एयर स्ट्रिप की लंबाई के अलावा नया टर्मिनल भवन और रडार सेटअप हो सकेगा. लेकिन यह मामला राज्य शासन के स्तर पर लंबित होने के कारण इंदौर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए अब तक जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है. यही वजह है कि एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर अब पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। 

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हर साल 40 लाख लोगों की आवाजाही
इस चिट्ठी में उल्लेख किया गया है, सालाना 40 लाख यात्रियों की आवाजाही वाले अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का विस्तार बहुत जरूरी है. आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर भी विस्तार जरूरी है, इसलिए राज्य शासन के स्तर पर इस मामले में जल्द कोई फैसला लिया जाए. इधर इस चिट्ठी पर चर्चा करते हुए सांसद शंकर लालवानी का कहना है कि, ''जमीन के लिए एयरपोर्ट प्रशासन के साथ कई वर्षों से प्रयास जारी हैं लेकिन राज्य शासन अभी तक जमीन उपलब्ध नहीं करा पाया। 

लंबे समय से कर रहे जमीन की मांग
उन्होंने बताया, ''2 दिन पहले इंदौर से आबू धाबी फ्लाइट के शुभारंभ के मौके पर मुख्यमंत्री के समक्ष भी एयरपोर्ट विस्तार के लिए जमीन की जरूरत का मुद्दा उठाया गया था. जिस पर राज्य शासन को फैसला लेना है.'' सांसद शंकर लालवानी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, ''वे लंबे समय से जमीन की मांग कर रहे हैं. इसके लिए वह केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजारापु से लेकर केंद्र सरकार और एयरपोर्ट प्राधिकरण के संबंधित अधिकारियों के समक्ष बात रख चुके हैं। 

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एयरपोर्ट का रडार नागपुर से नियंत्रित
एयरपोर्ट विस्तार के साथ रनवे की लंबाई बढ़ाना, पैरेलल टैक्सी-वे का निर्माण और नया रडार सिस्टम स्थापित करना भी जरूरी है, ताकि बड़े विमानों का संचालन हो सके. उन्होंने बताया कि, ''वर्तमान में इंदौर एयरपोर्ट का रडार नागपुर से नियंत्रित होता है. सुरक्षा के साथ टेक ऑफ और लैंडिंग की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाने के लिए इंदौर में ही रडार सिस्टम बनाना जरूरी है। 

इसी तरह की मांग सुमित्रा महाजन के पत्र में की गई है. वही इंदौर की आर्थिक, औद्योगिक स्थिति का जिक्र करते हुए लिखा कि, काफी प्रयासों के बाद इंदौर को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मिला. अब एटीएस टॉवर और नया टर्मिनल भवन बना. इधर इस पत्र को लेकर अब मान जा रहा है कि जल्द ही इस मामले में इंदौर एयरपोर्ट को जमीन आवंटन का मामला राज्य कैबिनेट में लाया जा सकता है. जिससे कि एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो सके। 

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विस्तार की जरूरत इसलिए भी
अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के बोइंग सहित अन्य बड़े विमान इंदौर में उतर सकें, इसलिए तमाम बड़ी सुविधाएं जरूरी हैं. वर्तमान में इंदौर एयरपोर्ट पर मुख्य रनवे की लंबाई 2800 मीटर है जिसे बढ़ाकर 3450 मीटर या उससे ज्यादा की जाना प्रस्तावित है. वर्तमान में औसतन 450 से ज्यादा यात्री प्रति घंटे सफर कर रहे हैं. साथ ही यहां से 90 से ज्यादा फ्लाइट का ऑपरेशन होता है, जिनकी संख्या लगातार बढ़ रही है।