सुंदर मेरा गाँव जी सरल स्वभाव के लोग, दिखते भोले भाले हैं। पीपल की छांव जी,…
Category: संपादकीय
आपने पवित्र संविधान बनाया
दुखों की साया में जो पला, गरीबों को जो किया भला। प्रताड़ित से जुझा जिसने, वही…
सामाजिक कुरीतियों के कोहरे से ढंके, आदिवासी समाज को ज्ञान के प्रकाश की ओर लाना चाहते थे बिरसा मुंडा
झारखंड के आदिवासी दम्पति सुगना और करमी के घर 15 नवंबर 1875 को जन्मे बिरसा मुंडा ने…