जनगणना में खुलेगी प्रॉपर्टी टैक्स चोरी की पोल, MP के 55 लाख शहरी घरों का होगा सर्वे

भोपाल 

मध्यप्रदेश में जनगणना 2027 केवल आबादी गिनने तक सीमित नहीं रहेगी। दरअसल इस बार सरकार शहरी क्षेत्रों में संपत्तियों का भी बड़ा सत्यापन कराने की तैयारी कर रही है। इसका मकसद उन मकानों और दुकानों की पहचान करना है जहां नगर निकाय की सुविधाएं मिलने के बावजूद प्रॉपर्टी टैक्स या जलकर जमा नहीं किया जा रहा है। वहीं इस अभियान से शहरी निकायों के रिकॉर्ड को भी अपडेट किया जाएगा।

दरअसल नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों, नगरपालिकाओं और नगर परिषदों को प्रारंभिक तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं। वहीं विभाग के अनुसार प्रदेश के शहरी इलाकों में करीब 55 लाख मकान हैं। जनगणना के दौरान नए बने भवनों, बदले हुए उपयोग और टैक्स रिकॉर्ड का भी सत्यापन किया जाएगा ताकि वास्तविक स्थिति के अनुसार सभी जानकारियां अपडेट हो सकें।

आपका खुद का मकान है और नगर निगम आपके यहां पानी सप्लाई कर रही है… ऐसे में यदि आप नगर निकाय को प्रॉपर्टी टैक्स और वॉटर टैक्स नहीं दे रहे हैं, आपका नाम की अब लिस्ट तैयार हो रही है।

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दरअसल, प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में प्रॉपर्टी टैक्स और जलकर की चोरी पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। फरवरी 2027 में होने वाली जनगणना के दौरान प्रगणकों (एन्यूमरेटर) से विशेष सर्वे कराया जाएगा, जिसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि किन मकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर टैक्स लागू होने के बावजूद कर जमा नहीं किया जा रहा है।

नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में सभी कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों, नगरपालिका और नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) को तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के मुताबिक, प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में फिलहाल करीब 55 लाख घर हैं और इस सर्वे के माध्यम से नए बने मकानों का रिकॉर्ड भी अपडेट किया जाएगा।

जनगणना फॉर्म में जुड़ेंगे दो नए कॉलम
सरकार जनगणना सर्वे में संपत्ति कर और जलकर से जुड़े दो अतिरिक्त कॉलम शामिल कराने का प्रस्ताव रखेगी। प्रगणक प्रत्येक मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान का भौतिक सत्यापन करेंगे। इससे भवन की वर्तमान स्थिति, उपयोग और स्वामित्व संबंधी जानकारी अपडेट होगी। जो संपत्तियां अब तक कर के दायरे में दर्ज नहीं हैं, उन्हें नियमानुसार रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा।

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नल कनेक्शन और वाटर टैक्स का भी होगा सत्यापन
सर्वे के दौरान यह भी जांच होगी कि किसी भवन में नगर निकाय का जल कनेक्शन है या नहीं, वह चालू है या बंद, और मीटर की क्या स्थिति है। प्रगणक संपत्ति कर और जलकर की आईडी भी पूछेंगे, ताकि नगर निकाय के रिकॉर्ड से उसका मिलान किया जा सके।

GIS आधारित रिकॉर्ड होंगे अपडेट
विभाग ने सभी भवनों के लिए यूनिक प्रॉपर्टी आईडी (UPID) तय करने और GIS आधारित रिकॉर्ड को अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। सत्यापन के बाद पूरी जानकारी ई-नगरपालिका पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से अपलोड की जाएगी।

बढ़ेगा नगर निकायों का राजस्व
सरकार का मानना है कि इस अभियान से बिना पंजीकृत संपत्तियों की पहचान होगी, जिससे प्रॉपर्टी टैक्स और जल उपभोक्ता शुल्क का रिकॉर्ड वास्तविक स्थिति के अनुरूप हो सकेगा। साथ ही भविष्य में टैक्स निर्धारण, जल बिल जारी करने और नागरिक सेवाओं के बेहतर प्रबंधन में सुविधा मिलेगी तथा नगर निकायों के राजस्व में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।

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