होर्मुज बंद हुआ तो दुनिया में छा सकता है ऊर्जा संकट, IEA चीफ ने दी बड़ी चेतावनी

नई दिल्ली
अमेरिका-ईरान के बीच जारी जंग और होर्मुज पर बढ़ते दबाव के कारण तेल की कीमतें तेजी से ऊपर आई हैं. वहीं अब लाल सागर और अरब सागर के बीच चोकपॉइंट 'बाब अल मंडेब' वाला रास्‍ता भी बंद होने के कगार पर आ चुका है. इस बीच,  इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने बड़ी चेतावनी दी है.

उन्‍होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल का प्रवाह जल्द ही फिर से शुरू नहीं होता है तो दुनिया को बड़े ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ेगा. बिरोल ने गुरुवार को काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के एक कार्यक्रम में कहा कि तेल सुरक्षा अभी भी एक गंभीर मुद्दा है. बिरोल ने कहा कि अगर अगले कुछ हफ्तों में स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो हमें चिंतित होना चाहिए, और मैं चिंतित हूं.

बिरोल का यह बयान ऐसे समय आया है, जब व्हाइट हाउस ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखे हुए है और एक समझौते पर पहुंचने का टारगेट रखता है. ईरान और ओमान के बीच स्थित संकरा जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य, जिससे आमतौर पर दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद से प्रभावित हुआ है और लंबे समय तक बंद रहा है.

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इन चीजों ने तेल कीमतों को कंट्रोल किया
एनर्जी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बावजूद, कई फैक्‍टर्स ने इस बढ़ोतरी को कम करने में मदद की है. इसमें चीन द्वारा 1 अरब बैरल से ज्‍यादा तेल का भंडार, इलेक्ट्रिक वाहनों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के बढ़ते उपयोग के माध्‍यम से तेल संरक्षण के प्रयास और IEA द्वारा 400 मिलियन बैरल तक तेल की आपूर्ति जारी करना शामिल है.

हालांकि, बिरोल ने कहा कि ये उपाय अनिश्चित काल तक नहीं चल सकते. उन्‍होंने ईरान संघर्ष को हिस्‍ट्री का सबसे भीषण एनर्जी संकट बताया और कहा कि अमेरिका द्वारा तेल और गैस के अधिक उत्‍पादन से दबाव कम करने में मदद मिली है. उन्‍होंने आगे कहा कि अमेरिका ने उत्‍पादन में 1 से 2 मिल‍ियन बैरल प्रति दिन की बढ़ोतरी की है, लेकिन वह उत्‍पादन को 10 मिलियन बैरल प्रति दिन तक नहीं बढ़ा सकता है.

दुनिया भर की अर्थव्‍यवस्‍थाओं पर असर
बिरोल ने कहा कि तेल और गैस आपूर्ति संकट ने विश्‍व भर की अर्थव्‍यवस्थाओं को प्रभावित किया है. खासकर एशिया में, जो हेार्मुज से एनर्जी पर ज्‍यादा निर्भर हैं. जापान और साउथ कोरिया प्रभावित हुए हैं, लेकिन पाकिस्‍तान, बांग्‍लादेश और भारत समेत विकासशील देशों को सबसे ज्‍यादा नुकसान हुआ है.

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उन्होंने विकासशील देशों में संभावित स्वास्थ्य जोखिमों की ओर भी इशारा किया है. खासकर महिलाओं के लिए, क्योंकि कई महिलाएं गोबर और लकड़ी जैसे वैकल्पिक खाना पकाने के ईंधनों की ओर रुख कर रही हैं. पेट्रोलियम उत्पाद महंगे हो जाने के कारण ये ईंधन अधिक खतरनाक उत्सर्जन उत्पन्न करते हैं.

फिर से जारी हो सकता है भंडार
मार्च में आईईए द्वारा संयुक्त रूप से तेल भंडार जारी करने के बाद तेल की कीमतों में लगभग 20 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट आई. बिरोल ने कहा कि इस कदम से बाजारों को संकेत मिला कि 30 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व करने वाला यह संगठन, अगर हालात बिगड़ते हैं तो फिर से भंडार जारी कर सकता है. उन्होंने बताया कि जारी किया गया 400 मिलियन बैरल आईईए के भंडार का केवल 20% था, जबकि 80% भंडार अभी भी उपलब्ध है.

व्हाइट हाउस में प्रवक्ता कैरोलिन लीविट ने कहा कि हालिया हमले ईरान द्वारा अमेरिका के साथ हुए समझौता के उल्लंघन के जवाब में किए गए थे. उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर गोलीबारी नहीं करनी चाहिए थी, लेकिन उसने ऐसा करने का निर्णय लिया. लीविट ने आगे कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य उन जहाजों के लिए खुला है जो ईरानी बंदरगाहों से आ-जा नहीं रहे हैं और अमेरिकी नौसेना सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए वहां मौजूद है.

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