सीएम योगी ने शामली को दी 589 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात

लखनऊ
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शामली दौरे के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने क्षेत्र के बदलते हालातों का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था, कांवड़ यात्रा की गरिमा और 589 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात पर अपनी बात रखी.

सीएम योगी का शामली दौरा और विकास की सौगात
मुख्यमंत्री योगी ने शामली के विजय सिंह पथिक डिग्री कॉलेज में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र को 589 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास की बड़ी सौगात दी. मुख्यमंत्री दोपहर 12:00 बजे हेलीकॉप्टर से सीधे पीएसी कैंप पहुंचे, जहां उन्होंने कैंप का गहन निरीक्षण किया और इसके बाद सीधे सभा स्थल के लिए रवाना हुए.

इस दौरे का मुख्य उद्देश्य शामली में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और विकास कार्यों को गति देना था, जिसे सरकार ने धरातल पर उतारकर जनता को समर्पित किया.

बदला शामली का मिजाज और पलायन का दौर
सीएम योगी ने अपने भाषण में कहा- "जो मैंने संकल्प लिया था माफिया को जहन्नुम या जेल पहुंचा के रहेंगे, जब शामली-कैराना आता हूं तो लगता है मेरा संकल्प सार्थक हुआ."

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कांवड़ यात्रा की गरिमा बनाए रखने की अपील
धार्मिक आयोजनों पर बोलते हुए सीएम ने कहा कि पहले जय श्री राम बोलने पर लाठियां-गोलियां चलती थीं और जन्माष्टमी व कांवड़ यात्रा रोकी जाती थी, लेकिन आज सब सेवा में खड़े हैं. उन्होंने कांवड़ियों से अपील की कि वे राम के वंशज और भोलेनाथ के भक्त हैं, इसलिए छोटी बातों पर हुड़दंग न करें. उन्होंने सचेत किया कि कोई गलत तत्व यात्रा को नुकसान पहुंचाए तो उसे कान पकड़कर बाहर कर दें.

मुख्यमंत्री ने कहा कि दस वर्ष पहले तक शामली दहशत का प्रतीक था, जहां कैराना और कांधला से साजिश के तहत डेमोग्राफी बदलने और पलायन कराने का काम होता था. पहले बहन-बेटियां बाहर निकलने से डरती थीं, हत्याएं सरेआम होती थीं और कानून व्यवस्था पूरी तरह बदहाल थी। अब अपराधियों का खौफ खत्म हो चुका है.

विपक्ष पर निशाना और एक्सप्रेस-वे की त्रिवेणी
मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को 'जिन्ना का उपासक' करार दिया. उन्होंने कहा कि पहले लोग बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसते थे और विकास ठप्प था।. आज शामली विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और दिल्ली-देहरादून, शामली-अंबाला व शामली-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे का त्रिवेणी संगम बन चुका है. साथ ही, शामली अब एनसीआर का हिस्सा बनकर उसी की तर्ज पर विकसित हो रहा है.

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