15 अगस्त को दिल्ली-मध्यप्रदेश में धमाके की साजिश, लॉरेंस गैंग के 6 बदमाश जयपुर-टोंक से गिरफ्तार

 जयपुर

 पंजाब के जालंधर में हुए ग्रेनेड धमाका मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने 6 आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है. चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी 15 अगस्त को दिल्ली और मध्य प्रदेश में बड़ा धमाका करने की फिराक में थे. बता दें कि राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और पंजाब पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जयपुर और टोंक से गिरफ्तार किया गया है, इन 6 आरोपियों में से 3 अरोपी नाबालिग बताए जा रहे हैं. वहीं इन आरोपियों से एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने पूछताछ के बाद पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया है. 

राजस्थान सीआईडी क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। सीआईडी को यह सफलता घटना को अंजाम देने से पहले ही मिल गई। बताया जा रहा है कि एंटी गैंगस्टर फोर्स और अमृतसर की स्पेशल ऑपरेशन सेल की संयुक्त कार्रवाई में जयपुर और टोंक से इन्हें गिरफ्तार किया गया। बाद में इन्हें पंजाब पुलिस को सौंप दिया गया।

See also  योगी सरकार का नया फैसला: यूपी के इस शहर का बदला नाम, विपक्ष पर सीएम योगी का पलटवार

जानकारी के अनुसार, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस ( क्राइम ) दिनेश एम.एन के नेतृत्व इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। इस ऑपरेशन के उद्देश्य 7 जुलाई को नवांशहर, जालंधर में हुए ग्रेनेड ब्लास्ट और 15 अगस्त के आसपास दिल्ली और ग्वालियर में नियोजित धमाकों की साजिश को विफल करना था। दरअसल, 7 जुलाई को गैंग के सदस्यों ने एक शराब की दुकान के सामने ग्रेनेड फेंककर धमाका किया था, जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई थी।
ये हुए हैं गिरफ्तार

सीआईडी क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के अनुसार, जयपुर और टोंक से पकड़े गए बदमाशों में शिवम उर्फ बिट्टू, पिता संजीव यादव (चांदोली, उत्तर प्रदेश), जितेंद्र चौधरी पिता भागचंद (टोंक, राजस्थान), संजय पुत्र बुद्धराम (हनुमानगढ़, राजस्थान), सोनू उर्फ काली पिता उदय मंडल (कपूरथला, पंजाब), सोनू पिता राजू पासवान (कपूरथला, पंजाब) और एक नाबालिग भी शामिल हैं।

काफी खतरनाक नेटवर्क
आपको बता दें कि इन गिरफ्तार आरोपियों में से जितेंद्र चौधरी उर्फ रितिक (टोंक), संजय (हनुमानगढ़) और सोनू उर्फ काली (कपूरथला, पंजाब) शामिल हैं. इनमें तीन नाबालिक को डिटेल किया गया है. वहीं पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, इन बदमाशों का कनेक्शन पंजाब के अलावा, अन्य राज्यों से भी है. बताया जा रहा है कि इन आरोपियों का नेटवर्क काफी खतरनाक तरीके से सक्रिय है. 
कनाडा में रहने वाले जिशान के संपर्क में थे सभी

See also  राम मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालु कीअटूट भीड़, दीपोत्सव के बाद 5 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे

पूछताछ में पता चला है कि कि गिरफ्तार सभी बदमाश कनाडा में रहने वाले जिशान अख्तर के संपर्क में थे। जिशान अख्तर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम करता है। जिशान पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, मनु अगवान और गोपी नवाशहरिया से भी जुड़ा है। पूछताछ में ये भी पता चल है कि जिशान ने नवांशहर धमाके के लिए ग्रेनेड उपलब्ध कराए थे।

इतना ही नहीं, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली और ग्वालियर में धमाकों की साजिश रची थी। सीआईडी के अनुसार, सभी गिरफ्तार बदमाश सोशल मीडिया और ऑनलाइन ऐप्स के जरिए जिशान के संपर्क में थे और उसके निर्देशों पर वारदात की योजना बना रहे थे। पूछताछ के आधार पर सीआईडी, गैंग के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी अभियान चला रही है।

जयपुर और अजमेर रेंज में कार्रवाई कर पकड़ा एडीजी क्राइम दिनेश एमएन ने बताया- ग्रेनेड धमाके के मामले में राजस्थान पुलिस को पंजाब पुलिस ने अलर्ट भेजा था। इसके बाद एजीटीएफ के एडिशनल एसपी सिद्धांत शर्मा के सुपरविजन ने पूरी टीम संदिग्धों की तलाश में लग गई थी। जयपुर रेंज और अजमेर रेंज में सर्च किया गया। टीम ने जयपुर सिटी और टोंक के आपराधिक क्षेत्रों में बदमाशों के बारे में सूचना एकत्रित की। इस दौरान कुल 6 लोगों की पहचान कर उनको पकड़ा गया।

See also  जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में सुरक्षाबलों का बड़ा एक्शन, मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर, दो अभी भी घेरे में

पुलिस ने जितेंद्र चौधरी उर्फ रितिक पुत्र भागचंद चौधरी निवासी आकोडिया, पुलिस थाना निवाई (टोंक), संजय पुत्र बुद्धराम निवासी नौरंगदेसर, पुलिस थाना शेरगढ़ (हनुमानगढ़) और सोनू उर्फ काली पुत्र उदयमंडल निवासी आलमगीर, कपूरथला (पंजाब) को गिरफ्तार किया है। इनके अलावा 3 नाबालिग को डिटेन किया गया है। इन सभी बदमाशों को पंजाब से आई स्पेशल ऑपरेशन सेल को सौंप दिया गया है।