जाति से बाहर शादी करने पर कपल को मिलते हैं 2.50 लाख रुपए, जाने कैसे करे आवेदन

आज भी देश के कई हिस्सों में जाति से बाहर शादी करना आसान नहीं है। समाज का दबाव, आर्थिक असुरक्षा और पारिवारिक विरोध ऐसे रिश्तों के सामने बड़ी चुनौती बन जाते हैं। इसी सोच को बदलने और अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को मजबूती देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एक खास योजना चला रही है, जिसके तहत शादी करने वाले कपल को सीधे 2.5 लाख रुपए की सरकारी मदद दी जाती है।

 

छत्तीसगढ़ में अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए डॉ अंबेडकर सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह योजना लागू की गई है। इस योजना का मकसद सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि समाज में बराबरी और भाईचारे की सोच को मजबूत करना है। सरकार मानती है कि जब जाति से ऊपर उठकर रिश्ते बनेंगे, तभी सामाजिक भेदभाव कमजोर होगा।

 

इस योजना का लाभ वही दंपती ले सकते हैं, जिनमें पति या पत्नी में से कोई एक अनुसूचित जाति (SC) से संबंधित हो। शादी का कानूनी रूप से रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है और यह पंजीकरण हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत होना चाहिए। शादी के बाद एक साल के भीतर आवेदन करना जरूरी है।

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सरकार पूरी रकम एक साथ नहीं देती। पहले 1.5 लाख रुपए सीधे पति-पत्नी के जॉइंट बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए जाते हैं। बाकी 1 लाख रुपए को 3 साल की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में रखा जाता है, ताकि भविष्य में आर्थिक सहारा मिल सके।

 

इच्छुक दंपती को छत्तीसगढ़ सरकार के समाज कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। फॉर्म भरते समय शादी, जाति और बैंक से जुड़ी जानकारी सावधानी से दर्ज करनी होती है। आवेदन के दौरान शादी का प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, पहली शादी होने का प्रमाण, शपथ पत्र (Affidavit), आय प्रमाण पत्र, जॉइंट बैंक अकाउंट की डिटेल्स अपलोड करना अनिवार्य होता है। सफल आवेदन के बाद एक Acknowledgement Receipt भी जारी की जाती है।

 

आवेदन करने के लिए इस लिंक पर क्लीक करें