डीजी–आईजी कॉन्फ्रेंस का आगाज़: गृह मंत्री अमित शाह करेंगे उद्घाटन, NSA डोभाल सहित कई राज्यों के डीजी पहुंचे

रायपुर

60वां अखिल भारतीय DGP-IG कॉन्फ्रेंस का आज दोपहर 2 बजे आगाज होगा. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे. इसमें शामिल होने के लिए एनएसए अजित डोभाल, बीएसएफ डीजी दलजीत सिंहचौधरी, आईटीबीपी डीजी प्रवीण कुमार, जम्मू-कश्मीर डीजी नलिन प्रभात और असम डीजी हरमीत सिंह आईआईएम रायपुर पहुंच चुके हैं.

बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी, सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन, आईटीबीपी के महानिदेशक प्रवीण कुमार, एसएसबी के महानिदेशक संजय सिंघल, एनएसजी के महानिदेशक ब्रीघू श्रीनिवासन, असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा, आईबी के डायरेक्टर तपन कुमार डेका, बीपीआरडी के डीजी राजीव कुमार शर्मा, एनसीआरबी के निदेशक आलोक रंजन और एनडीआरएफ के डीजी पीयूष आनंद कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं.

इसके अलावा गृह विभाग के सचिव, केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, राज्यों के गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के प्रमुख, केंद्रीय पुलिस संगठनों (CPOs) और इंटेलिजेंस के प्रमुख के भी पहुंचने का सिलसिला जारी है.

सबसे पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह उद्घाटन भाषण देंगे. पहले दिन सम्मेलन का एजेंडा और मुख्य विषयों की रूपरेखा रखी जाएगी. आंतरिक सुरक्षा, खुफिया तंत्र और भविष्य की रणनीतियों पर उच्चस्तरीय चर्चा होगी. उद्घाटन के बाद प्रारंभिक चर्चाएं और पैनल-सत्र होंगी.

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ऐसे की गई है ठहरने की व्यवस्था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एम-1 और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एम-11 में ठहरेंगे। नए सर्किट हाउस में एनएसए अजीत डोभाल, डिप्टी एनएसए अनीश दयाल सिंह, आईबी चीफ तपन डेका, केंद्रीय गृह सचिव और दोनों केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के ठहरने की व्यवस्था की गई है। सर्किट हाउस में 6 सूइट और 22 कमरे बुक किए गए हैं। ठाकुर प्यारेलाल संस्थान में 140 कमरे और निमोरा अकादमी में 91 कमरे बुक हैं। इस कार्यक्रम में 33 राज्यों से आने वाले डीजीपी, पैरामिलिट्री फोर्स के 20 डीजी/एडीजी समेत 75 पुलिस अधिकारी ठहरेंगे।

ADG और IG को सुरक्षा की जिम्मेदारी

DGP-IG कॉन्फ्रेंस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य की जिम्मेदारी एडीजी दीपांशु काबरा, आईजी अमरेश मिश्रा को सौंपी गई है। वहीं राज्य पुलिस के साथ ही केंद्रीय फोर्स, इंटेलिजेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ कॉर्डिनेशन करेंगे। साथ ही पूरी व्यवस्था को संभालेंगे।

विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक देंगे पीएम मोदी

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28 से 30 नवंबर तक भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर में आयोजित सम्मेलन का उद्देश्य अब तक प्रमुख पुलिस चुनौतियों से निपटने में हुई प्रगति की समीक्षा करना और ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप ‘सुरक्षित भारत’ के निर्माण के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप की रूपरेखा तैयार करना है। ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद निरोध, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था में फोरेंसिक विज्ञान एवं एआई के उपयोग जैसे प्रमुख सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। प्रधानमंत्री विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे।

राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर होगी चर्चा

यह सम्मेलन देशभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा प्रशासकों को राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर खुले और सार्थक विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण संवादात्मक मंच प्रदान करता है। यह पुलिस बलों के सामने आने वाली परिचालन, अवसंरचनात्मक और कल्याण संबंधी चुनौतियों पर चर्चा के साथ-साथ अपराध से निपटने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आंतरिक सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए पेशेवर प्रथाओं के निर्माण और साझाकरण को भी सुगम बनाता है।

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस वार्षिक सम्मेलन में निरंतर गहरी रुचि दिखाई है और स्पष्ट चर्चाओं को प्रोत्साहित किया है। उन्‍होंने एक ऐसा माहौल तैयार किया है, जहां पुलिस व्यवस्था पर नए विचार उभर सकें। व्यावसायिक सत्र, विस्तृत बातचीत और विषयगत चर्चाएं प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण आंतरिक सुरक्षा और नीतिगत मामलों पर सीधे प्रधानमंत्री के साथ अपने विचार साझा करने का अवसर प्रदान करती हैं।

2014 से प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हो रहा सम्मेलन

वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इस सम्मेलन के स्वरूप में निरंतर सुधार हुआ है, जिसमें देश भर के विभिन्न स्थानों पर इसका आयोजन भी शामिल है। यह सम्मेलन गुवाहाटी-असम, कच्छ के रण-गुजरात, हैदराबाद-तेलंगाना, टेकनपुर-ग्वालियर-मध्य प्रदेश, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (केवड़िया-गुजरात), पुणे-महाराष्ट्र, लखनऊ-उत्तर प्रदेश, नई दिल्ली, जयपुर-राजस्थान और भुवनेश्वर-ओडिशा में आयोजित किया जा चुका है।