जामुन की गुठली न फेंकें, ऐसे करें इस्तेमाल और पाएं कई फायदे

बारिश के मौसम में जामुन बाजार में मिलना शुरू हो जाते हैं और इस खट्टे-मीठे फल को लोग बड़े चाव से खाना भी पसंद करते हैं. जामुन खाने में लाजवाब लगता है, लेकिन जामुन खाने के बाद लोग इसके बीजों को कूड़ा समझकर फेंक देते हैं. जामुन की गुठली  हल्की कड़वी और कसैली होती है, जिसकी वजह से लोग इसको कूड़ेदान में डाल देते हैं.

मगर बहुत कम लोग यह बात जानते हैं कि इसके बीज भले ही कड़वे होते हैं, लेकिन यह बेहद गुणकारी होते हैं और इन बीजों का आप कई तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं. इसलिए जामुन के बीजों को दोबारा फेंकने से पहले इनको घर में कैसे इस्तेमाल में ला सकते हैं, यह जान लीजिए.

जामुन के बीजों के फायदे
जामुन के बीज ब्लड शुगर कंट्रोल करने में काम आते हैं और इसलिए इनको डायबिटीज के मरीजों के लिए बेस्ट माना जाता है.
बीजों में जो कसैला गुण मौजूद होता है, उसकी वजह से यह डाइजेशन में भी काम आता है. इनसे डायरिया या दस्त जैसी पेट की समस्याओं को कंट्रोल करने में मदद मिलती है.
जामुन के बीज एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण त्वचा के लिए टॉनिक का काम करते हैं. इसमें फ्लेवोनोइड्स और फेनोलिक यौगिक मौजूद होते हैं जो शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालते हैं.

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जामुन के बीजों का ऐसे करें इस्तेमाल  
जामुन का नया पौधा उगाएं: अगर आप बागवानी के शौकीन हैं, तो जामुन के बीजों से नया पौधा तैयार कर सकते हैं. ताजे बीजों को उपजाऊ मिट्टी में लगभग 1 से 2 इंच गहराई में बो दें. नियमित सिंचाई और पर्याप्त धूप मिलने पर कुछ हफ्तों में अंकुर निकल सकते हैं, इस तरह आप अपने घर या बगीचे में जामुन का पेड़ लगा सकते हैं.

DIY क्राफ्ट और सजावट में आएंगे काम: सूखे जामुन के बीजों को कलर करके बच्चों के स्कूल प्रोजेक्ट, आर्ट एंड क्राफ्ट, हैंडमेड जूलरी, की-चेन, वॉल हैंगिंग और अन्य सजावटी सामान बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है. यह बच्चों की आर्ट में दिलचस्पी बढ़ाने का भी अच्छा तरीका है.

कंपोस्ट में करें इस्तेमाल: जामुन के बीजों को जैविक कचरे के साथ कंपोस्ट पिट में डाल सकते हैं. हालांकि ये धीरे-धीरे विघटित होते हैं, लेकिन समय के साथ जैविक खाद का हिस्सा बन जाते हैं. इससे घर का गीला कचरा भी कम होता है और पौधों के लिए प्राकृतिक खाद भी तैयार होती है.

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जामुन के बीज का पाउडर तैयार करें: जामुन के बीजों को अच्छी तरह धोकर 5 से 7 दिनों तक धूप में पूरी तरह सुखा लें. इसके बाद इन्हें हल्का भूनकर पीस लें और एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें. पारंपरिक आयुर्वेद में जामुन के बीजों का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है, लेकिन किसी भी स्वास्थ्य लाभ या बीमारी के इलाज के लिए इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. जामुन के पाउडर से आप हर्बल ड्रिंक, फेस पैक बनाकर इस्तेमाल में ला सकते हैं.

पाउडर का कैसे करें यूज?
जामुन के बीजों से बना पाउडर आपके काफी काम आ सकता है, इसको आप सुबह खाली पेट गर्म पानी में पी सकते हैं, इससे ब्ल्ड शुगर लेवल को काफी हद तक कंट्रोल करने में मदद मिलती है.
जामुन के बीज के पाउडर को सरसों के तेल में मिलाकर दांतों और मसूड़ों पर मलने से पायरिया, दांत दर्द और मसूड़ों की सूजन में आराम मिलता है.
खाने के बाद छाछ में इस पाउडर को मिलाकर पीने से डाइजेशन प्रोसेस बेहतर होता है.
इस पाउडर में गुलाब जल या दही मिलाकर पेस्ट बनाएं और चेहरे पर 15 से 20 मिनट लगाने के बाद सादे पानी से धो लें. इससे मुंहासे और दाग-धब्बे कम होने लगते हैं.

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इन बातों का रखें ध्यान
जामुन के बीजों का किसी भी तरह से इस्तेमाल करने से पहले उन्हें अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें. नमी रहने पर उनमें फफूंदी लग सकती है, जिससे उनका इस्तेमाल सुरक्षित नहीं रहता.अगर आप जामुन के बीजों का सेवन किसी स्वास्थ्य समस्या, जैसे डायबिटीज या अन्य बीमारी के लिए करना चाहते हैं, तो पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें.