रूस में फिर कांपी धरती: 7.8 तीव्रता का भूकंप, लोगों में दहशत का माहौल

मॉस्को 

रूस के पूर्वी क्षेत्र कामचटका में शुक्रवार को 7.8 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस हुए। इस शक्तिशाली भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि, भूकंप की वजह से अभी तक किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है। भूकंप का केंद्र जमीन के 10 किलोमीटर नीचे था।

मुख्य भूकंप के बाद 6 घंटे तक झटकों का सिलसिला जारी रहा। USGS के आंकड़ों के अनुसार, 30 से ज्यादा आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए, जिनकी तीव्रता 4.4 से 5.8 के बीच रही। इन झटकों ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी और कई लोग घरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों में चले गए।। क्षेत्रीय गवर्नर व्लादिमीर सोलोदोव ने कहा कि आपातकालीन टीमें हाई अलर्ट पर हैं।

भूकंप के तेज झटकों के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। सोशल मीडिया पर भूकंप के कई वीडियो सामने आए हैं, जिसमें फर्नीचर, कारें, लाइट्स तेजी के साथ हिलते दिखाई दे रहे हैं।

आफ्टरशॉक्स के सिलसिले

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    12:28 AM – 7.8 (मुख्य झटका)
    12:38 AM – 5.8
    12:56 AM – 5.6
    1:33 AM – 5.6
    3:07 AM – 5.7
    5:52 AM – 5.4

इसके अलावा, दर्जनों झटके 4.4 से 5.4 तीव्रता के बीच रहे।
सुनामी का अलर्ट जारी

भूकंप के कुछ ही मिनटों के भीतर आवासीय भवनों और सार्वजनिक सुविधाओं का निरीक्षण शुरू कर दिया गया। कई तटीय क्षेत्रों में 0.5 मीटर से 1.5 मीटर ऊंची लहरें उठने का अनुमान है। अधिकारियों ने निवासियों से तटीय इलाकों से दूर रहने की अपील की है।

इससे पहले शनिवार (13 सितंबर) को भी कामचटका में 7.4 तीव्रता का भीषण भूकंप आया, जिसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी।

7.8 रही भूकंप की तीव्रता

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) की मानें तो भूकंप का केंद्र कामचटका प्रायद्वीप के पूर्वी तट से के पास धरती से करीब 85 किलोमीटर नीचे था. तो वहीं दूसरे भूकंप का केंद्र धरती के नीचे 30 किलोमीटर नीचे था. रूस की स्टेट जियोफिजिकल सर्विस के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 7.8 रही और उसके बाद करीब 5 आफ्टरशॉक लगे. भूकंप के झटकों के तुरंत बाद अमेरिकी मौसम विभाग ने सुनामी का अलर्ट जारी किया है. इसके साथ ही लोगों से समुद्री तटों से दूर रहने की अपील की है.

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क्यों कामचटका में आते हैं भूकंप?
पेट्रोपावलोव्स्क-कमचाट्स्की दुनिया के सबसे भूकंपीय सक्रिय क्षेत्रों में आता है. यहां प्रशांत प्लेट और उत्तरी अमेरिकी प्लेट आपस में टकराती हैं, जिसके चलते अक्सर भूकंप आते रहते हैं. एक सप्ताह पहले शनिवार को इसी इलाके में 7.4 तीव्रता का भूकंप आया था. हालांकि, तब प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र (PTWC) ने कहा था कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है.

लगातार खतरे में कामचटका
लगातार आने वाले तेज भूकंप यह दिखाते हैं कि रूस का यह इलाका हमेशा खतरे में रहता है. यहां रहने वाले लोग हर बार नई दहशत के बीच जीते हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां लगातार नज़र बनाए हुए हैं. इससे पहले बुधवार को भी नेपाल में भूकंप आया था. तब 4 की तीव्रता वाले भूकंप से देश हिला था. भूकंप की गहराई 10 किमी थी.

एक हफ्ते में तीसरी बार भूकंप के झटके

रूस के कामचटका में पिछले एक महीने के भीतर कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. बीते एक सप्ताह में ये तीसरी बार है कि जब कामचटका की धरती भूकंप के कारण कांपी है. शुक्रवार रात को यहां 2 बार झटके महसूस किए गए हैं.

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इससे पहले, 29 जुलाई 2025 को कामचटका तट के पास 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप आया था. इसे पिछले एक दशक के सबसे बड़े भूकंपों में गिना गया. इस भूकंप के बाद कई देशों में अलर्ट जारी किया गया था. भूकंप के बाद समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठने लगी थी. हालांकि मौसम विभाग के अलर्ट के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया था.