गुटखा थूकने की आदत किसी की जान ले सकती है? सोच पाना भी मुश्किल है. लेकिन विदिशा में ऐसा ही कुछ हुआ है. 65 साल के एक बुजुर्ग अपने घर की बालकनी से गुटखा थूक रहे थे. इस दौरान वो घर के सामने से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन तार की चपेट में आ गए. बिजली का ऐसा झटका लगा कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई. ये सब इतना तेज हुआ कि उन्हें कोई हरकत करने का भी मौका नहीं मिला. तत्काल मौत हो गई और उनका शरीर छज्जे पर ही लटका रह गया.
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टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के गंजबासौदा इलाके की है. 65 साल के प्रभुलाल गुप्ता यहां के गायत्री नगर में एक किराये के मकान में रहते थे. वो मूल रूप से छतरपुर के रहने वाले थे और गंजाबसौदा में राजमिस्त्री का काम करते थे. पिछले 10 साल से वो यहीं के गायत्रीनगर एरिया में किराये के मकान में रह रहे थे. तीसरी मंजिल पर उनका घर था. सोमवार, 26 अक्टूबर को दोपहर के करीब 1 बजे प्रभुलाल अपने फ्लोर की बालकनी में खड़े थे. उनके घर के आसपास के लोगों ने बताया कि गुटखा चबाने के बाद उन्होंने वहीं से थूकने की कोशिश की. जैसे ही थूका, वह घर के सामने से गुजर रही बिजली की तार के संपर्क में आ गया. इससे वह गंभीर रूप से झुलस गए. उनकी मौके पर ही मौत हो गई. उनका शव भी बालकनी के छज्जे से लटका रह गया.
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घटना से जुड़े कुछ वीडियो भी सामने आए हैं. इनमें प्रभुलाल का जला हुआ शव घर के छज्जे से आधा लटका दिखाई दे रहा है. प्रभुलाल जिस तार की चपेट में आए, वो 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन तार थी. घर में इस्तेमाल होने वाली बिजली करीब 240 वोल्ट की होती है. इसके हिसाब से 11 हजार वोल्ट की बिजली तकरीबन 48 गुना ज्यादा वोल्टेज वाली होती है. हाईटेंशन तारों में दौड़ने वाली यह बिजली इतनी खतरनाक होती है कि इसके संपर्क में आने से जान तक जा सकती है.
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सवाल है कि क्या गुटखे की थूक से करंट लगने के चांसेज होते हैं? एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कुछ परिस्थितियों में ऐसा हो सकता है. इंसान की लार में नमी और नमक घुले होते हैं, जो इसे बिजली का बेहतरीन सुचालक बना देते हैं. यानी इससे बिजली गुजर सकती है. अगर थूकते समय मुंह से तार तक लिक्विड की एक लगातार धार बनती है तो यह करंट को शरीर में पहुंचाने का रास्ता बना सकती है. इसके अलावा, 11 हजार वोल्ट वाली तार में इतना जबर्दस्त वोल्टेज होता है कि यह हवा में बिजली का एक ‘आर्क’ बना देते हैं. अगर बालकनी और तार की दूरी बहुत कम हो तो बिजली हवा या नमी के जरिए छलांग लगाकर भी इंसान के शरीर में घुस सकती है. जिसके बाद या तो इंसान गंभीर रूप से झुलस जाता है. या फिर उसकी मौत भी हो सकती है.