दिल्ली में मॉनसून की धमाकेदार एंट्री के बाद भी अच्छी बारिश की कमी, अब तक सामान्य से 61 फीसदी कम बादल बरसे

नई दिल्ली
दिल्ली में मॉनसून का आगाज भले ही जोरदार रहा हो और एक ही दिन में बारिश के कई रिकॉर्ड टूट गए हों, लेकिन अब अच्छी बारिश की कमी बनी हुई है। जुलाई के पहले सप्ताह में अब तक सामान्य से 61 फीसदी कम बादल बरसे।राजधानी में 28 जून को मॉनसून का आगमन हुआ था और मानक वेधशाला सफदरजंग में 24 घंटे के भीतर 228 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन इसके बाद से ही दिल्लीवाले अच्छी बारिश के लिए तरस रहे हैं। कुछ हिस्सों में हल्की बारिश तो होती रही है, लेकिन इससे उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, जुलाई के पहले छह दिन में सामान्य तौर पर 27 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए, जो अब तक सिर्फ 10.4 मिलीमीटर हुई है। यानी यह आंकड़ा सामान्य से 61 फीसदी कम है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार-पांच दिन भी हल्की बूंदाबांदी ही होने के आसार हैं।

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कुछ इलाकों में बूंदाबांदी ने उमस बढ़ाई
दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में शनिवार सुबह हल्के बादल छाए रहे। सुबह के समय सफदरजंग, पालम, लोधी रोड आदि इलाकों में बूंदाबांदी हुई। दोपहर बाद आसमान साफ हो गया और धूप निकल आई। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। दिल्ली की मानक वेधशाला सफदरजंग में अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान सामान्य से एक कम 27.1 डिग्री रहा।

संतोषजनक श्रेणी में हवा
हल्की बारिश और तेज हवा के चलते दिल्ली में साफ हवा का स्तर बना हुआ है। शनिवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 65 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को संतोषजनक श्रेणी में रखा जाता है। यह लगातार तीसरा दिन है जब वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर 100 से नीचे बना हुआ है। बता दें कि, शून्य और 50 के बीच एक AQI को "अच्छा", 51 और 100 के बीच "संतोषजनक", 101 और 200 के बीच "मध्यम", 201 और 300 के बीच "खराब", 301 और 400 के बीच "बहुत खराब" और 401 और 500 के बीच "गंभीर" माना जाता है।

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