मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का विस्तार, मुख्यमंत्री जी उधार के आइडिया पर श्रेय लेना अच्छी बात नहीं: पटवारी

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के बाद अब मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत वरिष्ठ नागरिक देश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के साथ ही मध्य प्रदेश स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण भी कर सकेंगे। इस विस्तार की जानकारी मुख्य मंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद अपने शोसल मीडिया साइट के माध्य से दी।  जिस पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने तंज कसते हुए एक्स के माध्यम से कहा है कि मुख्यमंत्री जी, उधार के आइडिया पर श्रेय लेना अच्छी बात नहीं, आपने कोई महान काम नहीं किया है। पूर्व से चली आ रही एक योजना को तुलनात्मक रूप से ज्यादा खराब ढंग से सिर्फ लागू ही किया है।

पहले उनकी प्राथमिक परेशानियों को करें दूर
जीतू पटवारी ने आगे लिखा यदि भाजपा  सरकार ईमानदारी से मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों की समस्या को सुनना, समझना और समाधान करना चाहती है, तो पहले उनकी प्राथमिक परेशानियों को दूर करे।  मैं आपके संज्ञान में बहुत ही बुनियादी मुद्दे ला रहा हूं यह अपेक्षा भी कर रहा हूं कि सरकार पहले ऐसी सभी समस्याओं को सूचीबद्ध करे और फिर समाधान का सार्वजनिक वादा करे।

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पटवारी ने बताए बुजुर्गों की 10 समस्याएं  

1. स्वास्थ्य सेवाएं : मध्य प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है. सरकारी अस्पतालों में संसाधनों की सबसे ज्यादा कमी है और निजी अस्पतालों में इलाज महंगा है!
2. वृद्धाश्रम की कमी : भावनात्मक दृष्टिकोण से वैसे तो वृद्धाश्रम की आवश्यकता ही नहीं होनी चाहिए! लेकिन, निराश्रित बुजुर्गों के लिए अभी भी पर्याप्त संख्या में वृद्धाश्रम नहीं हैं! जो हैं, वे अक्सर अत्यधिक भीड़भाड़ वाले होते हैं!
3.आर्थिक असुरक्षा : पेंशन योजनाओं की अपर्याप्तता और आर्थिक सहायता के अभाव में वृद्ध लोग आर्थिक रूप से असुरक्षित महसूस करते हैं! सरकार को व्यापक सर्वे करवा कर इस जमीनी हकीकत को स्वीकार करना चाहिए!
4. परिवहन की समस्या : सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं, जिससे वृद्ध लोगों को कहीं आने-जाने में कठिनाई होती है! प्रदेश के ग्रामीण इलाकों कि यदि गहराई से पड़ताल की जाए, तो आंखें खोलने वाला खुलासा सामने आ सकता है!
5. मानसिक स्वास्थ्य : मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों में भी अकेलापन और सामाजिक अलगाव के कारण मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं! सरकार ने एक आनंद मंत्रालय बनवाया था, वह कहां है?
6. देखभाल की कमी : बहुत से वृद्ध लोगों को परिवार के सदस्यों या पेशेवर देखभालकर्ताओं की पर्याप्त देखभाल नहीं मिल पाती! सरकार एक हेल्पलाइन नंबर जारी करे और ऐसे सभी बुजुर्गों की देखभाल सुनिश्चित करे!
7. सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी : बहुत से वरिष्ठ नागरिकों को सरकारी योजनाओं और उनके लाभ की जानकारी नहीं होती! इससे भी वे धोखाधड़ी का शिकार होते हैं! बेहतर होगा सरकार एक वृहद जागरूकता अभियान शुरू करे!
8. भ्रष्टाचार : कई बार सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता है, जिससे वास्तविक लाभार्थियों तक सुविधाएं नहीं पहुंच पातीं! सरकार अपनी इज्जत बचाने के लिए अपने ही विधायकों से इसका फीडबैक ले सकती है!
9. सुरक्षा : वृद्ध लोगों के खिलाफ बढ़ते अपराध, जैसे धोखाधड़ी, चोरी और हिंसा, उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं! क्या गृहमंत्री के रूप में आप यह वचन दे सकते हैं कि मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नागरिक सुरक्षित रहेंगे?
10. आवास की समस्या : कई वरिष्ठ नागरिकों के पास स्थायी आवास नहीं होता, जिससे वे असुरक्षित और अस्थिर महसूस करते हैं! सरकार को ऐसे बुजुर्गों को चिन्हित करना चाहिए और उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध करवाना चाहिए!

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पड़ताल करेंगे तो ऐसी सैकड़ों समस्याएं
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने लिखा मुख्यमंत्री जी, यदि गंभीरता से पड़ताल करेंगे तो ऐसी सैकड़ों समस्याएं आपके सामने आ जाएंगीं, समाधान के लिए प्रभावी नीतियों और योजनाओं की आवश्यकता है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर प्रदान किया जा सके। सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करके अपनी महानता की कहानी सुनाना बंद कीजिए, यदि वास्तव में कुछ करना ही चाहते हैं तो उपरोक्त बिंदुओं के जरिए मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों का ईमानदारी से भला कीजिए।