धान महोत्सव में किसानों की बल्ले-बल्ले! CM डॉ. मोहन यादव 1 जुलाई को सिवनी से जारी करेंगे ₹2.82 करोड़

सिवनी 
मध्यप्रदेश के किसानों के लिए 1 जुलाई का दिन खास रहने वाला है. सिवनी में आयोजित होने वाले धान महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव हजारों किसानों को आर्थिक सौगात देंगे. कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के जरिए कोदो और कुटकी की खेती करने वाले 3941 किसानों के बैंक खातों में 2 करोड़ 82 लाख 99 हजार 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि भेजी जाएगी। 

सरकार की ओर से यह राशि 1000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से दी जा रही है. इसका उद्देश्य श्रीअन्न यानी मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देना है, ताकि किसान इस फसल की ओर ज्यादा आकर्षित हों और उनकी आय में भी इजाफा हो सके. माना जा रहा है कि इस पहल से प्रदेश में कोदो और कुटकी के उत्पादन को नई रफ्तार मिलेगी। 

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के 3,941 कोदो एवं कुटकी उत्पादक किसानों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से 2 करोड़ 82 लाख 99 हजार 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे डीबीटी के जरिए अंतरित करेंगे।यह राशि 1,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रदान की जा रही है, जिससे श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को आर्थिक सहायता प्राप्त होगी।

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सिवनी में धान महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में
धान महोत्सव का आयोजन सिवनी के पॉलीटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में किया जाएगा. मुख्यमंत्री मोहन यादव इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. जिला प्रशासन ने आयोजन को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं और कार्यक्रम स्थल को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 

कलेक्टर नेहा मीना की निगरानी में प्रशासन ने हेलीपैड, सुरक्षा व्यवस्था, बैठक की व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, बिजली और यातायात जैसी सभी जरूरी सुविधाओं की तैयारियां पूरी कर ली हैं. अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं ताकि कार्यक्रम बिना किसी परेशानी के संपन्न हो सके। 

विकास परियोजनाओं की भी देंगे सौगात
धान महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री सिर्फ किसानों को प्रोत्साहन राशि ही नहीं देंगे, बल्कि जिले को कई विकास कार्यों की सौगात भी मिलेगी. कार्यक्रम में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया जाएगा. इससे जिले में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है। 

सरकार का मानना है कि किसानों को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ श्रीअन्न की खेती को बढ़ावा देना भविष्य की कृषि नीति का अहम हिस्सा है. ऐसे में धान महोत्सव किसानों के लिए सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि नई संभावनाओं का मंच भी साबित हो सकता है। 

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वर्ष 2026 'कृषक कल्याण वर्ष': आयोजित होगा धान महोत्सव
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चालू वर्ष 2026 को "कृषक कल्याण वर्ष" के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में खरीफ सीजन की शुरुआत के मौके पर कार्यक्रम स्थल पर 'धान महोत्सव' का भी आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव में अच्छी बारिश, बेहतर पैदावार और अन्नदाताओं की समृद्धि की कामना के साथ ही किसानों को आधुनिक तरीके से धान की बोनी करने का संदेश दिया जाएगा।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, बड़ी संख्या में जुटेंगे किसान
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ अंजली शाह, अपर कलेक्टर सीएल चनाप सहित सभी संबंधित विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने सभी वीआईपी और आम नागरिकों के लिए पार्किंग, पेयजल, बिजली और स्वच्छता की पुख्ता व्यवस्था समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिले के किसानों और आम जनता में खासा उत्साह देखा जा रहा है, जिसे देखते हुए कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटने की संभावना है।

प्रदर्शनी में शामिल प्रमुख आकर्षण होंगे—

    धान बुवाई के आधुनिक कृषि यंत्र
    प्राकृतिक एवं प्रमाणित बीजों की प्रदर्शनी
    कस्टम हायरिंग सेंटर
    प्राकृतिक एवं नैचुरल फार्मिंग मॉडल
    जीआई टैग प्राप्त सीताफल एवं मिलेट्स उत्पाद
    पीएमएफएमई योजना के उत्पाद
    आम की विभिन्न उन्नत किस्में
    स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प एवं मिट्टी कला उत्पाद
    लघु वनोपज आधारित उत्पाद
    स्थानीय उद्यमियों के उत्पाद
    पोषण आहार प्रदर्शनी
    कृषिका एप की जानकारी

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प्रदर्शनी के माध्यम से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, कृषि नवाचारों और विकास उपलब्धियों की जानकारी किसानों एवं नागरिकों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रशासन ने तैयारियों को दिया अंतिम रूप
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के मार्गदर्शन में कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड, सुरक्षा व्यवस्था, बैठक व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, यातायात प्रबंधन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय है और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के अधिकारी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।